हर्डल्स फ्री फाउंडेशन द्वारा माध्यमिक शालाओं को दिए जायेंगे टेबलेट

अब जिले के चयनित माध्यमिक शालाओं को हर्डल्स फ्री फाउंडेशन द्वारा फ्यूचर शानदार परियोजना के तहत टेबलेट प्रदाय किए जायेंगे। इनका उद्देश्य कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं को भावी टेक्नालाजी के बेसिक ज्ञान में निपूर्ण बनाना है। इस टेबलेट के माध्यम से छात्रों को नवीन रोजगारोन्मुखी व्यवसायिक पाठ्यक्रमों से अवगत कराया जायेगा, ताकि भावी कार्यस्थल एवं बाजार की मांग अनुरुप छात्र स्वंय को अभी से रोजगार के लिए तैयार कर सके। इसके लिए उक्त टेबलेट में रोबोटिक्स एवं कम्युनिकेशन संबंधी संदर्भ सामग्रियों का समावेश किया गया है। इस मौके पर हर्डल्स फ्री फाउंडेशन के समन्वयक आशीष कोलहार पुरे ने बताया कि वर्ष 2030 तक संपूर्ण राष्ट्रीय रोजगार परिदृश्य में क्रांतिकारी परिवर्तन आ जायेगा और कई ऐसे ट्रेड का उदय होगा, जिनसे वर्तमान पीढ़ी के अनभिज्ञ रहने की आशंका है और यूनिसेफ द्वारा यह अनुमानित किया गया है कि 2030 में 53 प्रतिशत छात्र इसी अनिभज्ञता के चलते कौशल विकास से वंचित रहेंगे। इसी समस्या को देखते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एन.एम.-आई.सी.पी.एस) द्वारा आकांक्षी जिलो में टेक्नालाजी जागरुकता हेतु टेबलेट वितरण के निर्देश दिए गए है। 
कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने इस मौके पर कहा कि प्रौद्योगिकी एक सतत् परिवर्तनशील क्षेत्र है आज जो टेक्नालाजी है कल वो अवश्य पुरानी हो जायेगी, कम्युनिकेशन से लेकर ऑटोमोबाईल क्षेत्र में कई अत्याधुनिक उत्पाद बाजार में आयेंगे और इनके प्रभाव से कोई भी क्षेत्र अछुता नहीं रहेगा। अतः भावी पीढ़ी को इनका अभी से ज्ञान देने की आवश्यकता है। इसमें शिक्षकगणों का एक बहुत बड़ा दायित्व है कि वह पूरी गंभीरता से इस टेबलेट के द्वारा छात्रों में सीखने की प्रवृत्ति का विकास कर उनकी प्रत्येक जिज्ञासा को शांत करे। देशभर के 115 आकांक्षी जिलो में कोण्डागांव ने पहला स्थान अर्जित कर राष्ट्रीय स्तर पर अपना रौशन किया है और इसके लिए शिक्षा विभाग सहित अन्य विभाग भी प्रशंसा के पात्र है। अतः जिले के छात्रों को नवीन प्रौद्योगिकी में पारंगत बनाना हर शिक्षक का कर्त्तव्य बनता है। वर्तमान में किसी छात्र को पूछा जाये कि वह आगे जाकर क्या बनना चाहेगा तो उसका उत्तर होगा डॉक्टर, इंजीनियर या वकील इसके अन्यत्र उसे अन्य रोजगार के अवसरों का ज्ञान नहीं होता, जबकि आज नवाचारों के युग में अनगिनत रोजगार के अवसर उपलब्ध है जो इन पारम्परिक व्यवसायों से भिन्न है तथा इनमें अपार संभावनाऐं है। इसके साथ ही उन्होंने जिले के शिक्षको राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे कार्य द्वारा पहचान दिलाने एवं कोण्डागांव को प्रथम स्थान दिलाने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि जिले के बच्चों में विश्व स्तरीय प्रतिभा विद्यमान है, अगर उन्हें प्रोत्साहन दिया जाये तो न केवल राष्ट्रीय स्तर अपितु विश्व स्तर पर पहचान दिलायेंगे, साथ ही राज्य एवं देश का नाम रौशन करेंगे। ज्ञात हो कि ‘फ्यूचर शानदार परियोजना‘ के तहत कोण्डागांव एवं माकड़ी विकासखण्ड के 50-50 चयनित माध्यमिक शालाओं में टेबलेट वितरण की योजना का शुभारंभ किया जायेगा। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश मिश्रा सहित शिक्षा के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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