मनरेगा : छह माह से नहीं मिली मजदूरी, 15 ​दिनों में होना चाहिए भुगतान, बैकुंठपुर के 240 मजदूरों की रोजी रोटी के लाले

बैकुंठपुर. मनरेगा योजना के तहत कोरिया जिले के सभी जनपद क्षेत्रों में भारी संख्या में ग्रामीण मजदूरों को कार्य करने के बाद भी उनकी मजदूरी समय पर नहीं मिल पा रही है। कई महीनों बाद भी मजदूरी का भुगतान नही हो पाया है। ऐसा पूरे जिले के हर ग्राम पंचायत का हाल है। वहीं कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यरत मजदूरों की जॉब कार्ड अधिकारियों ने रख लिए है, जिससे उन्हें पता ही नहीं चल पाता है कि उन्हें कितनी मजदूरी मिली है।  

मिली जानकारी के अनुसार मनरेगा मजदूरों को 3 माह से लेकर 6 माह तक मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण रोजगार योजना महात्मा गॉधी ग्रामीण रोजगार योजना के तहत जिले के ग्रामीण मजदूरों को कार्य तो मिल रहा है लेकिन कार्य करने के बाद उन्हें पारिश्रमिक समय पर नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते मजदूर सरपंच सचिव और बैंक के चक्कर काटते रहते है और उन्हें जवाब मिलता है कि खाते में राशि आयेगी। इस तरह का जवाब सुनकर ग्रामीण मजदूर आये दिन राशि खर्च कर अपने क्षेत्र के बैंकों में पहुॅंच कर अपने खाते में राशि आने की जानकारी प्राप्त करने के लिए पहुॅचते रहते है लेकिन उन्हे निराशा ही हाथ लगती है। 

कोरिया जिले के पांचों जनपद पंचायत क्षेत्रों में भारी संख्या में मजदूरों के बकाया राशि का भुगतान कई माह बीतने के बाद भी नही हो पा रहा है। वही कई ग्राम पंचायत ऐसे भी है जहॉं अभी मजदूरों का कोई कार्य नही मिल पा रहा है जिससे कि वे अपने क्षेत्र से दूर करीब 15-20 किमी दूर तक जाकर काम कर रहे है। मनरेगा योजना के तहत उन्हें अपने पंचायत से निश्चित दूरी के दायरे में कोई कार्य नही मिल पा रहा है। धान की मिसाई करने के बाद अधिकांश किसान खाली हो जाते है और काम की जरूरत उन्हें पड़ती है लेकिन कई पंचायतों में कोई कार्य नही खुलने के चलते कई ग्रामीण परिवार दूर जाकर मजदूरी का कार्य कर रहे है। कई पंचायत क्षेत्रों का भ्रमण करने के उपरांत यह बात सामने आयी कि अभी पंचायतों में काम नही मिल रहा है जिस कारण उन्हे अपने गांॅव क्षेत्र से दूर जाकर मजदूरी करना पड रहा है।

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मनरेगा योजना मजदूरी समय पर नहीं बैकुंठपुर

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