गौ-वंश बचाने गौ-पुत्र ओमेश बिसेन कर रहे हैं पदयात्रा, जगह-जगह हो रहा है स्वागत, 19 को पहुंचेंगे राजधानी

रायपुर. यह ना तो कोई राजनीतिक यात्रा है, ना ही व्यक्तिगत—न्याय पाने के लिए एक हथियार. बल्कि पशु—धन को बचाने के लिए एक गौ—सेवक का आत्मसंघर्ष है. अंचल के युवा गौ—सेवक ओमेश​ बिसेन, इन दिनों सरायपाली से रायपुर तक पदयात्रा पर हैं. 13 मई से प्रांरभ हुई यह पदयात्रा 19 मई को मुख्यमंत्री निवास पर समाप्त होगी. लगभग एक सप्ताह की इस पदयात्रा में ओमेश और उसके साथी 140 किलोमीटर का सफर पूरा करेंगे. वे गौवंश बचाने तथा गौ—तस्करों पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठा रहे हैं.

मालूम होवे कि गौ—धन का महत्व समझते हुए ओमेश बिसेन और उनके साथी कई सालों से अभियान चला रहे हैं. आवारा पशुओं की सुरक्षा, उनकी चिकित्सा, उन्हें कसाईयों और तस्करों के हाथों से बचाना, गाय पालने को प्रेरित करना इत्यादि के प्रति उन्होंने कई आंदोलन किए हैं और अभियान भी चलाया है. और अब गौ—वंश बचाने के नाम पर पदयात्रा कर रहे हैं.

सालों पहले कुम्हारी से रायपुर के बीच एक संत ने पदयात्रा की थी और अब 35 साल बाद ओमेश बिसेन अब उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. वे कहते हैं, 'गौ—तस्करी ने गौ—वंश को लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंचा दिया है. खासकर सरायपाली, महासमुंद, दुर्ग, इन इलाकों में यह समस्या ज्यादा है. गौ माताओं को ट्रकों में लादकर बाहरी राज्यों में ले जाया जाता है और उन्हें कत्लखानों के सुपुर्द कर दिया जाता है. आश्चर्य कि चंद लाभ के लिए इसमें पुलिस—प्रशासन भी तस्करों का सहयोग करता है. जबकि गाय हम हिन्दुओं के लिए गौ माता की तरह है.

लोगों को जागरूक करने तथा प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट करने के लिए यह पदयात्रा जारी है. 13 मई को सरायपाली से प्रारंभ हुई है जो बसना, पिथौरा, तेंदुकोना, बागबहरा, कोसरंगी, महासमुंद में रूकेगी जहां कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा तत्पश्चात आरंग, मंदिर हसौद होते हुए 19 तारीख को दोपहर 1 बजे राजधानी रायपुर पहुंचेगी जहां मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा.

श्री बिसेन के साथ चल रहे साथियों ने बताया कि पैदल यात्रा में लोगों को पाम्पलेट बांटते हैं, गौ—कथा सुनाई जाती है तथा गौ—माता से मिलने वाले लाभ भी आमजनों को बताया जाता है. यात्रा को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है. आज बसना और पिथौरा में हुई नुक्कड़ सभा में तीन सौ से ज्यादा लोग मौजूद थे.

 

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