बैंक में जमा राशि पर खतरा टला, सरकार ने फाइनेंशियल रेजोल्युशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस बिल वापस लिया

आम आदमी पत्रिका

नईदिल्ली. बैंकों में जमा पैसे पर सरकार की गारंटी जारी रहेगी. सरकार ने फाइनैंशियल रेजोल्युशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस (FRDI) बिल-2017 को टालने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर यह बिल पास हो जाता तो सरकार की बैंकों के गैरंटर के तौर पर जिम्मेदारी पूरी तरह से खत्म हो जाती. आपको बता दें कि इस बिल से बैंकों की फाइनेंशियल हालत खराब होने पर उन्हें पैसा लौटाने से इनकार करने का अधिकार मिल जाता. साथ ही, बैंक इसके बदले शेयर और बॉन्ड ऑफर कर सकते हैं.

कितना सुरक्षित है आम आदमी का बैंक में जमा पैसा- मौजूदा समय में बैंकों में जमा पर सुरक्षा डिपॉजिट इंश्‍योरेंस एंड क्रे‍डिट गारंटी कार्पोरेशन (DICGC) की तरफ से उपलब्‍ध कराई जाती है. बैंकों के मामले में DICGC एक कस्टमर के अधिकतम सिर्फ 1 लाख रुपये की ही गारंटी देता है, यह नियम बैंकों की हर ब्रांच के लिए लागू है. यानी कि बैंक में किसी भी अकाउंट होल्‍डर की सिर्फ 1 लाख रुपये की जमा ही सुरक्षित होती है. इसमें मूलधन और ब्‍याज दोनों को शामिल किया जाता है. इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि अगर आपका मूलधन और ब्याज जोड़कर 1 लाख रुपये है तब तो रकम सुरक्षित है, लेकिन अगर सिर्फ मूलधन 1 लाख रुपये या ज्यादा है तो यह सुरक्षित नहीं है. (ये भी पढ़ें-SBI ग्राहकों को भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये 4 काम)

अलग-अलग बैंकों में रखें पैसे- अगर आपके पास 3 से 4 लाख रुपये निवेश के लिए हैं, जिसे आप बैंक में जमा करना चाहते हैं तो आपके लिए क्या बेहतर होगा. बेहतर है कि इस रकम को अलग-अलग बैंकों में निवेश करें. हर अकाउंट में 90 हजार या 99 हजार तक निवेश करने का फायदा यह है कि आपकी पूरी रकम सुरक्षित रहेगी.

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