फांसी है चंद घंटे दूर फिर भी निर्भया के दोषी चल रहे हैं बचने की चालें,रात में सुनवाई के आसार


निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह के मुताबिक दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर रहे हैं. एक याचिका में निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी जा रही है. दूसरी याचिका दोषी पवन दाखिल करेगा जिसमें राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती दी है. निर्भया मामले के दोषी पवन की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो गई है. पवन ने दया याचिका खारिज होने को चुनौती दी है. पवन के वकील एपी सिंह मेंशनिंग रजिस्ट्रार के घर जा रहे हैं जल्द सुनवाई की मांग करने के लिए. आज रात में हो सकती है सुनवाई. निर्भया गैंग रेप और हत्या के मामले में चारों दोषियों को कल सुबह साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जानी है. बचने के लिए कई कोशिशें कर चुके इस जघन्य सामूहिक बलात्कार और हत्या के दोषियों ने अदालतों में अंतिम कोशिशें शुरू कर दी हैं.       

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को निर्भया के सभी दोषियों को याचिका खारिज कर दी है. निर्भया के दोषियों को कल सुबह साढ़े 5 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. इससे पहले निर्भया में दोषी मुकेश की चाल भी काम नहीं आई. सुप्रीम कोर्ट ने  उसकी याचिका को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोषी अपने सारे कानून उपचारों का इस्तेमाल कर चुका है. बता दें, उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर फांसी पर रोक की मांग की थी. मुकेश ने अपनी अर्जी में मांग की थी कि फांसी से पहले उसे किसी भी कोर्ट में याचिका दाखिल करने की इजाजत दी जाए.

मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उसके साथ निष्पक्ष न्याय नहीं हुआ. साथ ही कहा था कि घटना के वक्त वो दिल्ली में मौजूद नहीं था बल्कि राजस्थान में था. मुकेश ने अपनी याचिका में डीएनए और आयरन रॉड दोनों ही थ्योरी पर सवाल उठाए थे. साथ ही कहा था कि इस मामले के दस्तावेज़, रिकॉर्ड और रिपोर्ट सीबीआई से जांच कराई जाए और कोर्ट उन्हें मंगाए.

सुप्रीम ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने केस की मेरिट पर सवाल उठाए हैं यानी अभियुक्तों की चिकित्सा स्थिति के बारे में सबूतों  पर कोई विचार नहीं किया गया.  उसने करोली से आरोपी की गिरफ्तारी का संदेह जताया है. याचिकाकर्ता द्वारा सभी अवसरों और अपील की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद, इस अदालत में दायर आपराधिक अपील को लम्बे समय तक सुना गया. आरोपी द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर विचार किया गया और अपील खारिज कर दी गई. अपील, पुनर्विचार और क्यूरेटिव याचिका खारिज की गईं. हमें अब इस जनहित याचिका के तहत मामले को दोबारा खोलने के लिए कोई आधार नहीं दिखता

Tags

Delhi Nirbhaya case

Related Articles

More News

1330.gif