कांग्रेस नेताओं की धड़कनें बढ़ीं, एक दर्जन निगम-मण्डल-आयोग के अध्यक्ष तय, उपाध्यक्ष और सदस्यों के लिए भी चेहरों पर मुहर

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर पार्टी और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने काफी देर मंत्रणा कर उन नामों को अंतिम रूप दिया है जिन्हें निगम—मण्डल—आयोग में अध्यक्ष और अन्य पदों पर नियुक्त किया जाना है. केंद्रीय आलाकमान ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फ्री हैण्ड दे दिया है इसलिए अंतिम फैसला वे ही करेंगे परंतु प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की सिफारिशों को भी महत्व दिया जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक प्रभारी सचिव पीएल पुनिया ने दस से ज्यादा नामों को आगे बढ़ाया है, उनमें से चार या पांच एडजस्ट किए जा रहे हैं. इसी तरह मोहन मरकाम ने एक दर्जन नामों पर सिफारिश की है परंतु दो—तीन नाम ही एडजस्ट किए जा सकते हैं. मोतीलाल वोरा खेमे से तीन नाम, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने भी तीन नामों की सिफारिश की है परंतु इन्हें शामिल करना या ना करना मुख्यमंत्री का फैसला होगा.

इस बात पर औपचारिक सहमति बन चुकी है कि निगम मण्डल आयोग में नेताओं और कार्यकर्ताओं को ही एडजस्ट किया जायेगा, विधायकों को नही. परंतु मंत्री बनने से चूक गए विधायक अमितेष शुक्ल और सत्यनारायण शर्मा की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें या उनके रिश्तेदारों को लाल बत्ती दी जा सकती है. राजधानी से प्रमोद दुबे भी कुछ कार्यकर्ताओं के लिए प्रयास कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने आंचलिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ वर्ग विशेष को भी प्रतिनिधित्व देने का मन बनाया है. आम आदमी पत्रिका' ने उन नामों को खोज निकाला है जो निगम—मण्डल—आयोग की संभावित सूची में प्रमुखता से शामिल हैं, ये इस प्रकार हैं :

रायपुर : शैलेष नितिन त्रिवेदी, गिरीश देवांगन, अरूण भ्रदा, विकास तिवारी, अजय साहू, महेंद्र छाबड़ा, घनश्याम राजू तिवारी, सुशील आनंद शुक्ला, रामगोपाल अग्रवाल, सभी संगठन

(अरूण भ्रदा व महेंद्र छाबड़ा नाम प्रभारी महामंत्री के लिए भी है)

बस्तर : मिथिलेश स्वर्णकार, अमीन मेमन, फूलोदेवी नेताम, उमाकांत शुक्ला, ओंकार सिंह जायसवाल—कारी
बिलासपुर : अटल श्रीवास्तव, महासमुंद से अमरजीत सिंह चावला,
महिला वर्ग से : प्रतिमा चंद्राकर, किरणमयी नायक और करूणा शुक्ला. हालांकि करूणा को राज्यसभा भी भेजा जा सकता है.
अल्पसंख्यक वर्ग से : एजाज ढेबर, गुरूमुख सिंह होरा, सलाम रिजवी, सददाम सोलंकी का नाम चर्चा में है.
अन्य नामों में : डॉ. राकेश गुप्ता, सुभाष धुप्पड़ और अमित पाण्डेय—दोनों महंत खेमा, गजराज पगारिया और राजकमल सिंघानिया भी लाल बत्ती की दौड़ में हैं.
 दिलीप षड़ंंगी और गोरेलाल बर्मन का नाम फिल्म विकास निगम के लिए संभावित है.
सतनामी गुरू बालदास भी निगम मण्डल चाहते हैं परंतु मंत्री रूद्र गुरू ने उनके नाम पर आपत्ति की है, ऐसा सूत्र ने बताया.


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