पहली बार रोचक कहानी: स्कूल तक आती है बस, बच्चे भी होशियार.. आना चाहते हैं तो संपर्क करें

प्रदेश में सरकारी कर्मियों का ट्रांसफर प्रोसेस शुरू हो गया है। इस ट्रांसफर के समर में सबसे ज्यादा शिक्षक इन्वॉल्व है। इसमें एक म्यूचुअल ट्रांसफर पॉलिसी भी होती है। जिसके लिए शिक्षक क्या-कुछ नहीं कर रहे। शिक्षक फेसबुक से लेकर वाटसएप में म्यूच्युअल ट्रांसफर के लिए माहौल बना रहे हैं। सोशल मीडिया में ठीक उसी तरह अपने स्कूल का प्रचार कर रहे हैं जैसा कि एक बिल्डर अपने मकान बेचने के लिए सुविधा बताता है। ऐसा पहली बार हुआ है जब शिक्षक म्यूच्युअल ट्रांसफर के लिए साथी ढूंढने फेसबुक का सहारा ले रहे हैं। दुर्ग जिले के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के शिक्षक भी फेसबुक पर अपनी डिटेल पोस्ट कर किसी इच्छुक शिक्षक से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। फेसबुक में शिक्षक संविलियन ग्रुप नाम का पेज भी बना है। जिसमें शिक्षक स्कूल की सुविधा बता रहे हैं। एक ने तो यह कहा कि, स्कूल आउटर में है मगर बस आती है। स्मार्ट क्लासरूम है। बच्चे पढ़ाई में होशियार है। ऐसे कई दावे किए जा रहे हैं। 

पहली बार म्यूच्युअल ट्रांसफर के लिए सोशल मीडिया को हथियार बना रहे शिक्षक 
फेसबुक में शिक्षाकर्मी संविलियन ग्रुप नाम से पेज भी बना हुआ है। 
पुष्पेंद्र बरमाल, व्यायाम शिक्षक: अभी वर्तमान में जिला धमधा ग्राम गिरहोला में पदस्थ हूं। मुझे रायपुर जिले में जाना है। संपर्क करें। 
संदीप चौबे, लेक्चर एलबी हिंदी: डौंडी लोहारा से राजनांदगांव आना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी पोस्ट किया है। 
भूपेश कश्यप, व्याख्याता पंचायत साइंस: स्कूल ठाकुर दिया खुर्द ब्लॉक पिथौरा जिला महासमुंद पिथौरा से दूरी 7 किलो मीटर है। 
देव बर्मन : यदि कोई धरसींवा से नवागढ़ ब्लॉक प्राथमिक शाला अमलडीह में म्यूचल ट्रांसफर करना चाहता है तो संपर्क करें। 
उग्रेन सिंह : म्यूचल ट्रांसफर टीचर एलबी साइंस मिडिल स्कूल नवागांव पाकरिया ब्लॉक अकलतरा, जांजगीर चांपा जिले में पदस्थ हूं। मुझे अकलतरा जाना है। 
अर्चना झा, शिक्षक: ट्रांसफर विलेज स्कूल से निगम स्कूल में हो सकता है क्या? 
पति-पत्नी को एक ही स्थान पर नहीं मिलेगी पदस्थापना 
सरकार ने ट्रांसफर के लिए नई पॉलिसी में शासकीय सेवक पति- पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थापना का अधिकार नहीं दिया गया है। इसमें एक राहत है कि इस पर एक बार संबंधित अधिकारियों द्वारा ऐसे अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया गया है। 
ट्रांसफर की प्रकिया ये है 
दुर्ग डीईओ प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि ट्रांसफर के लिए प्रार्थी शिक्षक को अपने प्रधान पाठक अथवा प्राचार्य से होते हुए बीईओ के माध्यम से आवेदन जिला कार्यालय में भेजना होगा। शिक्षक एलबी वर्ग दो के ट्रांसफर आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। 
जिले में 1 हजार से भी कम बचे हैं शिक्षाकर्मी 
एक जुलाई 2019 तक की स्थिति में दुर्ग जिले में लगभग 476 शिक्षाकर्मियों का संविलियन होना है। इस संविलियन प्रकिया के बाद जिले में लगभग सिर्फ 1 हजार से भी कम शिक्षाकर्मी बच जाएंगे। 
बिना नियम के भेजा था 
ट्रांसफर के आदेश आने के बाद और उससे पहले से ही तैयारी में बैठे शिक्षकों ने डीईओ कार्यालय में आवेदन दिया था। जिसमें 15 से अधिक आवेदन प्रकिया के तहत नहीं आए थे। जिसे जिला शिक्षा अधिकारी ने सुधार कर नियमत: भेजने के लिए लौटा दिया। रोजाना सैकड़ों आवेदन मिल रहे हैं।   

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