दवा घोटाला : श्रमिक अस्पतालों में बिना निविदा साढ़े 7 करोड़ की दवा खरीदी, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने की शिकायत

रायपुर. छत्तीसगढ़ कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी)में 2016-17 में बिना निविदा करीब साढ़े 7 करोड़ की दवा खरीदी की गई है। प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ ने इसकी शिकायत दस्तावेजों के साथ ईओडब्ल्यू से करते हुए जांच की मांग की है।

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में बड़े-बड़े घपले-घोटालों के बाद अब ईएसआईसी में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यह घोटाला दवा खरीदी के नाम पर हुआ है। कर्मचारी राज्य बीमा संचालनालय द्वारा राज्य के हजारों बीमित कर्मियों के इलाज के लिए हर साल करोड़ों की दवा व अन्य मेडिकल सामग्री खरीदी जाती है। वर्ष 2016-17 में भी सरकार ने इस विभाग को 60 करोड़ 47 लाख रुपये का आबंटन किया था। इससे जरूरी दवा खरीदी के लिए ईएसआईसी से अनुमोदित सूची प्रदेश के श्रमिक अस्पतालों को भेजी गई। अनुमोदित सूची में दवा क्रय नियम व शर्तें दी गई थी। खरीदी आदेश सीधे अनुमोदित कंपनियों को  दी जानी थी और उन्हें भुगतान भी करना था, पर ऐसा नहीं किया गया।

प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ को सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेज के मुताबिक श्रमिक अस्पतालों में पदस्थ पदाधिकारी खरीदी नियमों का उल्लंघन करते हुए अधिकांश खरीदी आदेश अनाधिकृत फर्मों एवं कंपनियों को जारी कर 7 करोड़ 44 लाख का घोटाला किया गया है। जिन कंपनियों को राशि का भुगतान किया गया है, उसमें कुछ कंपनियां दवाओं का कारोबार ही नहीं करती। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ईएसआईसी के अफसरों के साथ मिलीभगत कर यह गड़बड़ी की गई है। प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ ने इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू से करते हुए जांच की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि डीकेएस अस्पताल में करोड़ों की गड़बड़ी सामने आने के बाद श्रमिक अस्पतालों में भी गड़बड़ी सामने आई है और इसकी जांच की मांग की जा रही है। जांच में वहां भी दवाओं की खरीदी, भुगतान में करोड़ों की और गड़बड़ी सामने आ सकती है।

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