निजी स्कूलों की तानाशाही पर हाईकोर्ट सख्त, प्रिंसिपल सेकेट्री हुए तलब, 7 मई तक शपथपत्र देने के आदेश

छत्तीसगढ़ के निजी स्कूल संचालकों की मनमानी और आरटीई को लेकर दायर की गई जनहित याचिकाओं पर गुरुवार को बिलासपुर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. सुबह 10:30 बजे शासन की ओर से शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और कोर्ट के सामने मौखिक जवाब प्रस्तुत किया. जिस पर नाराज हाई कोर्ट ने कहा ये मौखिक में जवाब नहीं चलेगा 7 मई को पूरे डिटेल में शपथपत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करें.

बता दें कि प्रदेश भर के निजी स्कूलों के संचालक फीस के रूप में पालकों से मोटी रकम की वसूली कर रहे हैं. स्कूल संचालक शिक्षा का अधिकार अधिनियम का भी सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं, जिसको लेकर भिलाई निवासी भगवंत राव और जन अधिकार परिषद ने अलग अलग 3 जनहित याचिकायें हाई कोर्ट में दायर की है. मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही है. पिछले सुनवाई में हाई कोर्ट ने शासन को शपथपत्र में जवाब प्रस्तुत करने कहा था.

बीते बुधवार को याचिकाओं की सुनवाई में जवाब प्रस्तुत नहीं होने से कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रिंसिपल सेकेट्री को आज सुबह 10:30 की पहली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था. जिस पर आज प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुबह 10:30 को उपस्थित हुये और मौखिक जवाब प्रस्तुत किये. नाराज कोर्ट ने 7 मई को शपथपत्र में डिटेल के साथ जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.

Tags

निजी स्कूल संचालकों की मनमानी आरटीई बिलासपुर हाईकोर्ट प्रिंसिपल सेक्रेटरी

Related Articles

More News