भूपेश सरकार की कैबिनेट का फैसला: 477 करोड़ में सोलर पंप गावों में लगेंगे, पत्रकारों को सम्मान निधि 5 से बढ़ाकर 10 हज़ार किये गए


भूपेश कैबिनेट की बैठक में आज कई अहम फैसले लिये गये। देर शाम 7 बजे शुरू हुई ये बैठक ढ़ाई घंटे चली। इस बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए राज्य सरकार ने NRDA के CEO रहे IFS एसएस बजाज को सस्पेंड करने का आदेश दिया। एसएस बजाज पर आरोप था कि उन्होंने सोनिया गांधी के हाथों शिलान्यास की जमीन व आधार शिला को IIM को आवंटित कर दिया था।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में  मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय

(1) नगरीय निकाय क्षेत्रों में अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन , शासकीय भूमि के आबंटन एवं गैर कृृषि प्रयोजन की भूमि पर वार्षिक भू-भाटक के निर्धारण/वसूली प्रक्रिया हेतु निम्नानुसार निर्णय लिये गए-
किसी व्यक्ति को निजी उपयोग के लिये 7500 वर्गफीट तक की भूमि आबंटन का अधिकार जिला कलेक्टर को प्रत्यायोजित किया जाएगा। तथा 7500 वर्गफीट से अधिक शासकीय भूमि का आबंटन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।
सार्वजनिक/ पंजीकृत संस्थाओं को भूमि आबंटन का अधिकार जिला कलेक्टर को प्रत्यायोजित किया जाएगा।
जिला स्तर पर शासकीय भूमि आबंटन/व्यवस्थापन के आवेदनों का जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के लिये निम्नानुसार समिति गठित की जाएगी। अपर कलेक्टर/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति में नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय के संयुक्त/उप/सहायक संचालक सदस्य होंगे। साथ ही संबंधित आयुक्त नगर पालिक निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी सदस्य होंगे।
शासकीय विभागों को भूमि उसी समय आबंटित की जाएगी जब संबंधित विभाग के पास आबंटित की जाने वाली शासकीय भूमि पर बाउंड्री निर्माण के लिये आबंटन उपलब्ध हो, जिससे कि संबंधित विभाग को आबंटित शासकीय भूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सके।
जिन शासकीय भूमि के संबंध में किसी विभाग से मांगपत्र प्राप्त न हो, ऐसी भूमि के संबंध में विज्ञापन जारी कर निजी व्यक्ति/संस्था से आवेदन प्राप्त किया जाएगा। आवेदन प्राप्त होने पर अन्य किसी प्रकार की जांच न करते हुए केवल विकास योजना को ध्यान में रखते हुए किसी भी व्यक्ति/संस्था को उनके निजी उपयोग के लिये वर्तमान बाजार दर पर आबंटित किया जाएगा।
किसी भूखंड के संबंध में दो या दो से अधिक व्यक्ति/संस्था से आवेदन प्राप्त होने पर गाईडलाईन दर पर निकाली गई प्रब्याजी को आॅफसेट प्राईज मानते हुए नीलामी के माध्यम से आबंटित किया जाएगा। तथा अधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति/संस्था को आबंटित किया जाएगा।
20 अगस्त 2017 के पूर्व अतिक्रमण की गई शासकीय भूमि को शासन द्वारा निर्धारित शुल्क आधार पर आबंटित किया जावेगा।
(राजस्व विभाग द्वारा इस संबंध में पृथक से विस्तृृत निर्देश जारी किए जाएंगे)

(2) आवासीय मकानों तथा फलैट्स पर पंजीयन शुल्क के संबंध में निम्नानुसार निर्णय लिये गए-
अचल संपत्ति के पंजीयन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए 19 जुलाई 2019 को कैबिनेट की बैठक मंे निर्णय लिया गया था कि बाजार मूल्य गाईडलाईन दरों को संपूर्ण प्रदेश में एकमुश्त 30 प्रतिशत घटाया जाए, इस निर्णय को 25 जुलाई 2019 से लागू किया गया। इसी कड़ी में आज कैबिनेट की बैठक में रजिस्ट्री शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किये जाने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। 75 लाख बाजार मूल्य तक के आवासीय मकानों/फलैट्स के विक्रय पर 31 मार्च 2020 तक वर्तमान में लागू पंजीयन शुल्क (संपत्ति के गाईडलाईन मूल्य का 4 प्रतिशत) में 2 प्रतिशत की छूट देने के निर्णय का अनुमोदन किया गया।

(3) छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन होगा।
छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के गठन का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में नीतिगत निर्णय, खेल से जुड़े विभागों में समन्वय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के संबंध में निर्णय लेना है। खेलों के लिये आवश्यक संसाधनों का सृजन, खेल उत्कृृष्टता केंद्र एवं खेल विद्यालयों का क्रियान्वयन तथा खेलों के विकास हेतु अन्य आवश्यक कार्य प्राधिकरण द्वारा कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपाध्यक्ष एवं सभी मंत्री सदस्य होंगे।

(4) औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी के कारण स्टील उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिये राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में घोषित विशेष राहत पैकेज की वैधता जो 31 मार्च 2019 को समाप्त हो गई है में वृृद्धि करते हुए छूट का अनुमोदन किया गया। राज्य के ऐसे स्टील उद्योग जिनके द्वारा अधिकतम 01 मेगावाट क्षमता के कैप्टिव पाॅवर प्लांट का संचालन किया जा रहा है, को वित्तीय वर्ष 2019-20 में अधिसूचित टैरिफ में सम्मिलित उर्जा प्रभार में 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक 80 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी।

(5) बायो-एथेनाॅल उत्पादन संयंत्र की स्थापना को प्रोत्साहन- राज्य में खाद्यान्न जैसे की धान की पैदावार आपूर्ति से काफी अधिक होने की दशा में धान एवं गन्ने का रस, बी-शीरा (मोलासेस) तथा अन्य कृृषि उत्पाद् जैसे पुआल, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि से बाॅयो-एथेनाल उत्पादन संयंत्र की स्थापना के लिये संबंधित विभाग उर्जा, सहकारिता, कृृषि एवं उद्योग विभाग प्रोत्साहन देने का कार्य करेंगे।

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