प्रदेश में पहली बार सर्वाधिक बिजली की मांग का बना कीर्तिमान, 4760 मेगावॉट बिजली उपलब्ध कराई : शैलेन्द्र शुक्ला

रायपुर. छत्तीसगढ़ में अल्प वर्षा की स्थिति से बढ़ती भीषण गर्मी के कारण प्रदेश इतिहास में सर्वाधिक बिजली की मांग का कीर्तिमान दर्ज हुआ। बिजली की रिकार्डतोड़ मांग को पूर्ण करने में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी भी कुशल प्रबंधन से कामयाब रही। कंपनी द्वारा अधिकतम मांग 4760 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति की गई, फलस्वरूप प्रदेश में कहीं भी बिजली की किल्लत अथवा लोडशेडिंग की स्थिति नहीं आई।

पॉवर कम्पनीज के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला ने बताया कि बारिश नहीं होने के कारण सूखे की स्थिति निर्मित हुई है, जिससे खेती किसानी के कार्यों में ऊर्जीकृत कृषि पम्पों का इस्तेमाल बढ़ जाने से बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई है। आगे उन्होंने बताया कि प्रदेश में सस्ती बिजली के साथ साथ सहज कनेक्षन की उपलब्धता भी विद्युत की मांग में सतत् बढ़ोत्तरी का एक प्रमुख कारण है। माह जुलाई में मई-जून की भांति तापमान होने के कारण विद्युत चलित उपकरणों का भी अधिकतम उपयोग उपभोक्ताओं द्वारा किया गया। सरकार की हाफ रेट पर बिजली योजना के तहत् प्रथम 400 यूनिट तक आधे दर पर बिजली भुगतान की सुविधा मिलने से घरेलू उपभोक्ताओं ने ए.सी., कूलर का उपयोग भी अधिकाधिक किया। प्रदेश के 56 लाख 13 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं में शामिल लगभग 32 लाख उपभोक्ताओं को हाफ रेट पर बिजली योजना का लाभ मिल रहा है। 

श्री शुक्ला ने कहा कि पॉवर कंपनी द्वारा बिजली की बढ़ती मांग एवं उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिये प्री-प्लानिंग की गई है। अत: आने वाले दिनों में मांग और अधिक बढऩे की स्थिति में भी बिजली की कोई कमी नहीं होगी। पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा अपने संयंत्रों से 2500 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इसके अलावा सेन्ट्रल सेक्टर, एक्सचेंज तथा शार्टटर्म पॉवर परचेस से 2300 मेगावॉट बिजली कंपनी को मिल रही है। इस तरह 4800 मेगावॉट के करीब बिजली की उपलब्धता बनी हुई है।

अवर्षा के कारण प्रदेश के किसान सिंचाई हेतु ऊर्जीकृत पम्पों पर ही आश्रित हो गये हैं। ऐसी स्थिति में साढ़े चार लाख ऊर्जीकृत कृषि पम्पों के सतत चलने की संभावना को देखते हुये मैदानी अधिकारियों को भी  सजग रहने के निर्देश दिये गये हैं। सरकार की रीति नीति के अनुरूप पॉवर कंपनी प्रबंधन भी संभावित संकट से निपटने के लिये सुनियोजित योजना से कार्य कर रहा है। पिछले पांच वर्षों में विद्युत की बढ़ती हुई मांग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई माह के वर्ष 2013 में 2805, वर्ष 2014 में 3016, वर्ष 2015 में 3886, वर्ष 2016 में 3581, वर्ष 2017 में 3921 एवं वर्ष 2018 में 3977 मेगावॉट बिजली की मांग दर्ज की गई थी। इस वर्ष जुलाई 2019 में 4760 मेगावॉट बिजली की मांग दर्ज की गई है, जो पिछले छ: वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा है। 

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छत्तीसगढ़ सर्वाधिक बिजली की मांग कीर्तिमान दर्ज

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