Special Story : एक आइएएस सहित संवाद' के सात अफसरों के खिलाफ हो सकती है एफआईआर, करोड़ों की अनियमितता का मामला, EOW दर्ज करेगी केस

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग में संवाद के जरिए हुए करोड़ों रूपये के घोटाले की जांच पूरी हो गई है. ईओडबल्यू ने इस मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है और शासन से निर्देश मिलने के बाद जल्द ही एफआईआर भी दर्ज करेगी.

एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि एक आइएएस सहित संवाद' के सात अफसरों के खिलाफ एफआईआर हो सकती है. ये सभी अफसरों ने अनाप—शनाप खर्च किया है और कई फर्जी मामले में आर्थिक ​अनियमितता की है तथा अपनों को लाभ पहुंचाया है.

मालूम होवे कि भूपेश बघेल सरकार ने पूर्व सरकार के समय प्रचार प्रसार के नाम पर 250 करोड़ रुपए के बजट के बावजूद 400 करोड़ रुपए से भी अधिक खर्च किए जाने की जांच का ऐलान किया था. इस मामले में लगभग 150 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि की अनियमितता की गई है. इस मामले की जांच ईओडबल्यू द्वारा पूरी कर ली गई है और एक दो दिनों में एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी.

जानते चलिए कि ईओडबल्यू को जांच के दौरान विज्ञापन एजेंसी और फर्मों में किए गए भुगतान में खामियां मिली हैं. दरअसल, जनवरी में शासन ने जनसंपर्क और संवाद से साल 2013 से 2018 के बीच हुए भुगतान की जांच करने के लिए ईओडबल्यू की जांच टीम बनाई थी. टीम ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट आला अफसरों को सौंपी. मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ संवाद में कई एजेंसियों और फर्मों को लिस्टेड किया गया था. निविदा के माध्यम से इनके प्रचार—प्रसार का काम दिया गया था. इसका पूरा बजट करीब 250 करोड़ रुपए निर्धारित था लेकिन 400 करोड़ से अधिक का भुगतान कर दिया गया. 

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