कैट' ने जीएसटी में दी गई छूट का स्वागत किया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने जताया आभार

रायपुर. कान्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोषी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानन्द जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली की अगुवाई में जीएसटी कॉउन्सिल द्वारा जीएसटी में दी गई छूटों का स्वागत करते हुए कहा की यह इस बात का स्पष्ट संकेत है की सरकार छोटे व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाने के प्रति सजग है और वास्तव में छोटे व्यापारियों के लिए कर प्रणाली को सरल करना चाहती है !

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने जीएसटी कॉउन्सिल के निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा की इन निर्णयों से निश्चित रूप से देश में बड़ी संख्यां में छोटे व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी और उनके सर से टैक्स की जटिलताओं का बोझ काम होगा !

श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने कहा की  जीएसटी में छूट की सीमा को 20  लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने से लगभग 10 लाख छोटे व्यापारी कर दायरे से बाहर हो सकते हैं जो एक अच्छा संकेत है ! बेहद कम व्यापार करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए यह एक बड़ी राहत है !

उन्होंने कहा की कम्पोजीशन स्कीम की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने का निर्णय काफी समय से लंबित था और इस निर्णय से देश भर में लगभग 20 लाख से अधिक व्यापारियों को फायदा होगा वहीँ दूसरी ओर अब ऐसे व्यापारियों को केवल वर्ष भर में एक ही रिटर्न भरनी होगी इससे इनको कर पालना के जंजाल से मुक्ति मिलेगी यद्यपि कर की अदायगी हर तिमाही में करनी होगी जो की तर्क सांगत है !

सर्विस सेक्टर के लिए कम्पोजीशन स्कीम की सीमा 50  लाख  रखने का निर्णय भी स्वागत योग्य है और इससे लगभग 10 लाख से अधिक छोटे सर्विस प्रदाताओं को लाभ मिलेगा ! यह और भी तर्कसंगत है कि इनको 6 प्रतिशत के कर स्लैब में रखा गया है!

श्री अमर पारवानी ने कहा कि जी.एस.टी. लागू करते समय यह सोच थी कि एक देश एक कर होगा । परन्तु कई ऐसे ट्रेड है जिसमें दो से अधिक कर की दरे हैं। जैसे कपड़े पर 5 प्रतिषत और 12 प्रतिषत, स्टेषनरी मे टैक्स फ्री, 5 प्रतिषत, 12 प्रतिषत और 18 प्रतिषत, और  सायकल में 5 प्रतिषत, 12 प्रतिषत, 18 प्रतिषत, और 28 प्रतिषत जी.एस.टी की दरे है ये सारे उत्पाद आम उपभोक्ता के द्वारा उपभोग किया जाता है इसमे एक ही कर की दरे होने से आम उपभोक्ता और व्यापारी को इसके सरलीकरण का लाभ मिलेगा।

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