मंदी के दौर में रणनीति कंपनी को कभी घाटा नहीं कराती: उमेश बंसी


मंदी का अर्थ यह नहीं कि बाजार में आपको हमेशा घाटा हो, अगर उस समय आप एक अच्छे रणनीति के साथ काम करें और बाजार सर्वेक्षण के साथ ही लक्षित भीड़ की जांच करें तो आपका उद्योग और तेजी से आगे बढ़ेगा। ये कहना है कलिंगा यूर्निवसिटी में नव अंकुर फांउडेशन और सीवायडीए के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान देने आए उमेश बंसी का। उन्होंने उद्योग जगत में आने वाली दिक्कतों को युवाओं को स्लाइड के माध्यम से समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग में कदम रखते ही किन परिस्थितियों को आपको समझना होगा और बाजार में आप किस तरह से लंबे समय तक बने रहे। यह बातें भी प्रेंजेंटेशन के जरिए बताया। इस दौर में मोटीवेशनल स्पीच के जरिए उमेश बंसी ने युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए कई नए-नए टिप्स दिए है। 


वहां मौजूद लोगों को उमेश बंसी ने व्याख्यान में बताया कि उनकी सूझबूझ और टीम की मेहनत ने ही सफलता दिलाई है। अपनी जिंदगी की शुरुवाती दिनों मे उन्हांेने जो चुनौतिया देखें चाहे वो निजी जिंदगी से जुड़ा हो या पेशेवर जिंदगी, उन्हांेने प्रतिभागियो के साथ शेयर की किस तरह सभी समस्याओं से आगे बढ़कर अपने निरंतरता एवं आत्मविश्वास के साथ काम कर उद्यमी बने, इसका भी तरीका बताया। गौरतलब है कि कलिंगा यूर्निवसिटी में युवाओं और स्व सहायता समूह की महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने हेतु तीन दिवसीय आवासीय छत्तीसगढ़ राज्य युवा उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन 7 सितंबर से 9 सितंबर तक किया गया। 

मार्केटिंग और मीडिया समेत बड़े व्यवसाय खुलें

इस मौके पर मेंटर उमेश के बंसी ने अपने संघर्ष के विषय मे बताया उन्होंने छोटे से व्यवसाय से आज एक बड़े समूह का संचालन कर रहे हैं एवं लगातार विभिन्न व्यवसाय को जोड़ते हुये एक बड़े समूह (मार्केटिंग, मीडिया, एफएमसीजी, कैफे ) डिजिटल थिकिंग के बारे मे बताया उन्हांेने बताया कि डिजिटल जमाने मे उदयमियों को अपने व्यवसाय को डिजिटल प्लेटफॉर्म मे प्रस्तुत करना एवं अपने व्यवसाय को आगे ले कर जाइए।

50 उद्यमियों से आमंत्रित किए बिजनेस आइडिया

इस मौके पर मुख्य अतिथि कलिंगा यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. राजीव कुमार, नव-अंकुर संस्था के संरक्षक यशवंत अग्रवाल उपस्थित थे। इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्य के 50़ उद्यमियों को उनके बिजनेस आईडिया के साथ आमंत्रित कर उन्हें उन्मुख करना एवं उनके मध्य नेटवर्क स्थापित करना है। युवा उद्यमियों की क्षमता परख कर टॉप 5 बिजनेस आईडियाज को एक साल के भीतर स्थापित करने के लिए 2.5 लाख तक कि आर्थिक सहायता या तकनीकी एवं कानूनी सहायता एवम लोन प्राप्त करने में सहायता की जाएगी। इसके साथ ही अगले 5 बिजनेस आइडियाज को पुणे में होने वाले राष्ट्रस्तरीय युवा उद्यमिता सम्मेलन के लिए तैयार भी किया जाएगा। इस सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य बेरोजगारी की समस्या को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण एवं शहरी यूवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना है।

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