कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विवि का दीक्षांत समारोह, वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने कहा : मीडिया विवेकशील समाज की रचना में योगदान दे, वरिष्ठ पत्रकार संजय शेखर को मिली डॉक्टरेट की उपाधि

रायपुर. कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह आज सुप्रसिद्ध पत्रकार श्री ओम थानवी (ऩई दिल्ली) के मुख्य आतिथ्य, राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में संपन्न हुआ। समारोह के विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल एवं महापौर श्री प्रमोद दुबे थे। विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ कुलपति प्रो. (डा.) मानसिंह परमार ने दिलाई।

समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध पत्रकार श्री ओम थानवी ने अपने दीक्षांत भाषण में कहा कि आज की पत्रकारिता खोजबीन से बचती है। गहराई में नहीं जाती। मीडिया का काम सिर्फ़ सूचना या जानकारी देना नहीं है। मीडिया का काम, इससे कहीं आगे जाकर, समझ का साझा करना है। इसीलिए इस पेशे में पढ़े-लिखे और दृष्टि-सम्पन्न सम्पादकों-पत्रकारों की अपेक्षा की जाती रही है जो एक विवेकशील समाज की रचना में योगदान दें, इस प्रक्रिया के प्रमुख भागीदार बनें लेकिन अगर ऐसे लोग पत्रकारिता के पेशे में कम आते हैं, या अपना ज़िम्मा समाज-रचना से जोड़कर नहीं देखते तो इस स्थिति का लाभ क्या वही लोग नहीं लेंगे जो अपने हितों के लिए समाज के विरुद्ध चलते हैं।

कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को प्रकाशवान बनाती है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रिन्ट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रानिक मीडिया को बेहतर कन्टेन्ट के साथ सामाजिक सारोकार की खबरों पर भी पकड़ मजबूत करने की जरूरत है। कुलाधिपति ने आगे कहा कि वही सोशल मीडिया ने सूचना का लोकतंत्रीकरण किया है। इसके कई सकारात्मक प्रभाव सामने आ रहे हैं। जो लोगों को देश-विदेश की खबरों से रूबरू कराने के साथ ही, सामाजिक जागरूकता का भी प्रमुख माध्यम बन गया है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित स्कूली बच्चे व महिला स्वसहायता समूह के सदस्य उपस्थित थे। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि उनकी पहल पर प्राथमिक शाला के बच्चों को दीक्षांत समारोह देखने के लिए बुलाया गया ताकि वे बचपन से नया देखें और उनमें कुछ बेहतर करने की ललक पैदा हो सके।

विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि दीक्षांत-समारोह विद्यार्थियों व शोध उपाधि धारकों के जीवन में सबसे अविस्मरणीय क्षणों में से एक है। यह अकादमिक जीवन का वह बिंदु है, जहां से सामाजिक प्रक्रिया प्रारंभ होती है। यह समारोह आपको याद दिलाता है कि अब आप अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, अपनी क्षमताओं का उपयोग करने के लिए तैयार हैं।

इस अवसर पर महिला स्वसहायता समूह जय मां सरस्वती की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा साहू ने महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार महिलाएं छत्तीसगढ़ में जैविक खाद से लेकर ग्रामीण विकास के कार्य में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।

समारोह  के प्रारंभ में कुलपति प्रोफेसर (डा.) एम.एस.परमार ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने दीक्षार्थियों को दीक्षांत उपाधि की शपथ दिलाई। इससे पूर्व शोभायात्रा में मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, कुलपति, कुलसचिव के साथ विद्या परिषद की  सदस्य प्रो. (डा.) वीरबाला अग्रवाल, श्री पंकज नयन पाण्डेय, डा. नृपेन्द्र कुमार शर्मा, डा. आशुतोष मंडावी, डा. नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, डा. राजेन्द्र मोहंती शामिल हुए। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अतुल कुमार तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया।

चार शोधार्थियों को मिली पी.एच-डी. की उपाधि - दीक्षांत समारोह में चार शोधार्थियों को पी.एच-डी. की उपाधि प्रदान की । पी.एच-डी. की उपाधि प्राप्त करने वालों में वरिष्ठ पत्रकार संजय शेखर, विश्वविद्यालय के श्री नृपेन्द्र कुमार शर्मा, श्री संजय कुमार, श्री राकेश कुमार पाण्डेय एवं श्री राजेश कुमार शामिल हैं।

नौ विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक : सत्र 2018 की प्रावीण्य सूची में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. गीतिका ब्रह्मभट्ट (एम.ए.-एमसी), कु. निशा ठाकुर (एम.एस.डब्ल्यू.), कु. निधि भारद्वाज(बी.ए.- जेएमसी), कु. खुशबू सोनी (एम.एससी.- ईएम), कु. मोनिका दुबे (बी.एस-सी. – ईएम), श्री रजत वाधवानी (एम.जे.), कु. शुभांगी खंडेलवाल (एम.ए.- एपीआर), कु. सुरभि अग्रवाल (एम.बी.ए.- एचआरडी) एवं कु. ज्योति वर्मा (एम.बी.ए. – एचए) को विश्वविद्यालय का स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। साथ ही प्रावीण्य सूची में द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रावीण्य प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इस बार कुल 259 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गईं।


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कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय चतुर्थ दीक्षांत समारोह कुलपति प्रो. (डा.) मानसिंह परमार

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