पाठ्यपुस्तक निगम : कन्हैया अग्रवाल का खुलासा, 'जिस फर्म को लाभ पहुंचाने के आरोप में अफसर को सेवानिवृत्ति दी गई, उसी फर्म को फिर करोड़ों का ठेका'

रायपुर. छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम घोटालों का महासागर बन गया है। बच्चों की शिक्षा के लिए आने वाले सैकड़ों करोड़ रूपये की बंदरबांट विभाग के अधिकारी अैर ठेकेदारों की सांठगांठ से लगातार हो रहा है। निगम के अधिकारी को जिन तीन प्रकाशकों के अधूरे दस्तावेज के लिए दोषी मानकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई, उन्ही तीनों फर्मों को उन्ही दस्तावेजों के आधार पर पचासों करोड़ की छपाई का ठेका दिया गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कन्हैया अग्रवाल ने जारी बयान में कहा कि निगम में पदस्थ एकमात्र तकनीकी अधिकारी प्रबंधक मुद्रण के पद पर कार्यरत नवीन श्रीवास्तव को रामराजा प्रिंटर्स, टेक्नो प्रिंटर्स और प्रगति प्रिंटर्स के अपूर्ण दस्तावेजों के बावजूद पंजीयन के लिए दोषी मानकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई परन्तु उपरोक्त तीनों प्रकाशकों का पंजीयन निरस्त नहीं कर उन्हे ही निगम का सर्वाधिक प्रकाशन कार्य आबंटित किया गया ।



निगम के अधिकारी को जिस अपराध के लिए नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया उसी अपराध को करने वाली फर्म का पंजीयन निरस्त नहीं कर प्रकाशकों को करोड़ों का लाभ पहुंचाने का अपराधिक कृत्य किया गया। अपराधिक कृत्य करने वाले अफसर भाजपा का खुलकर चुनाव प्रचार करते रहे, उनके संरक्षण में निगम में लूटमार और फर्जीवाड़ा लगातार चलता रहा।

पाठ्यपुस्तक निगम के घोटालों की जांच के लिए ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री और संबंधित अफसरों को दस्तावेजों के साथ शिकायत कर संबंधितों पर अपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की जावेगी ।


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छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम घोटालों का महासागर बंदरबांट

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