प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान चोरी : महिला की शिकायत : मकान के नाम से राशि निकल गई लेकिन आवास नही मिला

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है. जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि जिले के पेंड्रा जनपद पंचायत की एक महिला ने इस महीने की दो तारीख को पेंड्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके नाम पर मकान की राशि तो निकाल ली गई है लेकिन उसे आवास मिला ही नहीं है. इसलिए उसके मकान को ढूंढ़ा जाए.

पेंड्रा थाना के प्रभारी अमित पाटले ने बताया कि पेंड्रा जनपद पंचायत के अड़भार गांव की फुलझरिया बाई भरिया ने दो दिसंबर को अपने परिजनों के साथ पेंड्रा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की 2018-19 की सूची में दर्ज था और उसे आवास की स्वीकृति मिली थी. सरकारी दस्तावेजों के अनुसार उसका मकान बन रहा है और इसके लिए उसे चेक के जरिये दो किश्तों में क्रमश: 35 हजार रुपए और 45 हजार रुपए इस तरह कुल 80 हजार रुपए मिल चुके हैं.

शिकायत के अनुसार वस्तुस्थिति यह है कि न तो उसे कोई चेक मिला है, न ही उसका मकान अस्तित्व में है. जिस आवास की फोटो दिखाकर राशि निकाली गई है, वह गायब है इसलिए उसे इस चोरी का पता लगाकर आवास दिलाया जाए.

पाटले ने बताया कि शिकायत के अनुसार जिस मकान को फुलझरिया का बताकर आवास निर्माण की राशि निकाली गई है, वह किसी और का है. इसमें जो फोटो दिखाया गया है, वह फुलझरिया का नहीं, बल्कि गांव की ही एक अन्य महिला उषा पाव का है. उषा पाव को दस्तावेजों में लगाए गए फोटो में फुलझरिया बाई बता दिया गया है.

शिकायत में यह भी लिखा गया है कि जनपद पंचायत के कम्प्यूटर आॅपरेटर राजेश गुप्ता, प्रधानमंत्री आवास के ब्लाक को-आॅर्डिनेटर प्रकाश महिलांगे और आवास मित्र द्रौपती कैवर्त ने मिलकर यह गड़बड़ी की है, इसलिए इनके खिलाफ धारा 420 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए.

अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय, बिलासपुर में इस अनोखी चोरी की शिकायत आने पर जिला पंचायत की सीईओ फरिहा आलम सिद्दीकी ने सोमवार को जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी और प्रधानमंत्री आवास योजना के जिला समन्वयक आनंद पांडेय को मामले की जांच के लिए भेजा था.

आनंद पांडेय ने बताया कि जांच में द्रोपती कैवर्त द्वारा की गई गड़बड़ी सही पाई गई. द्रोपती ने पंजीकरण के समय पहली किश्त की राशि 35 हजार रूपए अपने ही खाते में जमा करा ली थी और 45 हजार रूपए की दूसरी किश्त उसने किसी दूसरे का मकान दिखाकर आहरित कर ली थी. द्रोपती ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है तथा पूरी रकम 80 हजार रूपए वापस पंचायत के खाते में जमा करा ली गई है.

आनंद पाण्डेय ने बताया कि जिला पंचायत की सीईओ फरिहा आलम सिद्दीकी ने तत्काल प्रभाव से आवास मित्र द्रोपती कैवर्त को बर्खास्त कर दिया है और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश जनपद पंचायत पेंड्रा को दिया है.

उन्होंने बताया कि इस मामले में लिप्त जनपद पंचायत के कम्प्यूटर आॅपरेटर राजेश गुप्ता, प्रधानमंत्री आवास योजना के ब्लॉक को-आॅर्डिनेटर प्रकाश महिलांगे के खिलाफ भी जांच जारी है तथा उनके खिलाफ तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई होगी.

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