Exclusive : समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक पर दो लाख की फर्जी स्टेशनरी खरीदने का खुलासा, कलेक्टर ने की कार्यवाही

बालोद. समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक नरेंद्र देवांगन द्वारा लगभग 2 लाख के स्टेशनरी के फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण किए जाने के मामले में कलेक्टर रानू साहू ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए फर्जी बिल देने वाले अरिहंत मोबाइल एंड कंप्यूटर फर्म को ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया है। 

कलेक्टर द्वारा ब्लैक लिस्टेड घोषित किए जाने के बाद अब अरिहंत मोबाइल एंड कंप्यूटर जिले के किसी भी सरकारी संस्थान में स्टेशनरी की सप्लाई नहीं कर सकेगा। बालोद जिले के इतिहास में यह पहला ऐसा मामला है जब भ्रष्टाचार के मामले को लेकर कलेक्टर द्वारा किसी दुकानदार को फर्जी बिल देने के नाम पर ब्लैक लिस्टेड किया है।

ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय बालोद के समाज कल्याण विभाग द्वारा अरिहंत मोबाइल एंड कंप्यूटर फॉर्म के जीएसटी सहित फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण के लिए ट्रेजरी भेज दिए गए थे, परंतु कलेक्टर के मामला संज्ञान में आते ही कलेक्टर ने उक्त बिल के भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश देने के साथ ही मामले की जांच के आदेश दे दिए थे। जांच में यह बात स्पष्ट हो गई थी कि अरिहंत मोबाइल कंप्यूटर द्वारा जो बिल दिए गए हैं। उस बिल में अंकित सामग्री विभाग को प्रदान ही नहीं की गई थी बिना सामग्री प्रदान किए ही उक्त फर्म द्वारा जीएसटी वाले बिल दिए गए थे। 

बिना सामग्री के भाई बंटवारे की नीति में फर्जी बिल देने वाले दुकानदार के खिलाफ ब्लैक लिस्टेड जैसी कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप की स्थिति मच गई है तो वहीं कलेक्टर की इस कार्रवाई को लेकर नगर के तमाम सामाजिक संगठनों के साथ साथ जनप्रतिनिधियों ने जमकर सराहना की है।

अवगत हो कि समाज कल्याण विभाग द्वारा स्टेशनरी के फर्जी बिल के साथ साथ रायपुर की जेपी ड्रग्स नामक फर्म के फर्जी बिल के माध्यम से लाखों रुपये का वारा-न्यारा किया गया था दिव्यांगों को वितरित की जाने वाली बाइसिकल के साथ-साथ बैटरी चलित ट्राईसिकिल के बिल के अनुरूप कम सामग्री प्रदान कर अधिक सामग्री का भुगतान लिया गया। जिसमें उपसंचालक तथा दुकानदार की मिलीभगत उजागर हो गई थी। 

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बालोद समाज कल्याण विभाग उपसंचालक नरेंद्र देवांगन

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