420 के आरोपी को दे रहे अस्पताल में वीआईपी ट्रीटमेंट, ये है जेवी रियल्टी किशोर वीरानी

धोखाधड़ी के आरोपी किशोर विरानी को गंभीर बीमारी होना बताकर डॉक्टरों ने जेल से मेकाहारा अस्पताल में भर्ती करा दिया। हार्ट पेसेंट होना बताकर मेकाहारा में भर्ती कराया और डॉक्टरों ने 7 दिनों तक किसी भी तरह से इलाज नहीं किया और उसे अस्पताल में भर्ती रहा। वहां पर पुलिस की सुरक्षा भी देखने को नहीं मिली। न ही उसके हाथ में हथकड़ी पहनाया गया। आरोपी किशोर विरानी को 28 तारीख को अस्पताल में हार्ट पेसेंट बताकर भर्ती कराया गया था। 5 दिसंबर तक उसे कोई भी इलाज नहीं दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि इतने दिनों तक आखिरकार क्यों भर्ती कराया गया था। बता दें कि अवंति विहार में रहने वाले पेशे से बिल्डर खुशीराम कुंदानी के यहां आरोपी किशोर विरानी काम करता था। नौकरी करने के दौरान उसने बिल्डर के पैसे को गबन कर लिया। इस मामले में दो साल पहले थाने में शिकायत हुई और एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर कोर्ट में पेश किया और जेल में भेज दिया। इसके बाद 28 तारीख को अचानक तबियत खराब होना बताकर जेल के डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया,जबकि सात दिनों तक किसी भी तरह से जांच नहीं हुई। इधर,डॉक्टरों के कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे है। इस गंभीर मामले में जांच की मांग की गई है।

21 अक्टूबर को हुई थी गई गिरफ्तारी

आजाद चौक पुलिस ने 21 तारीख को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। वहां पर भी उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। जबकि मामले में क्राइम ब्रांच भी जांच कर रही है।

जांच कराई जा रही

अस्पताल में भर्ती कैदी का इलाज चल रहा है।बाकी की जानकारी बाद में दे सकता हूं।

केके गुप्ता जेल डीआईजी

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गबन का आरोपी किशोर वीरानी जेवी रियल्टी बहाने से अस्पताल में भर्ती

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