छत्तीसगढ़

नरवा विकास योजना से सुविधा में बढोत्तरी

राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना के तहत् जिले में नरवा विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन से सिंचाई सुविधा में वृद्धि हो रही है। नरवा विकास का मुख्य उद्देश्य किसानों को अधिक से अधिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ जल संरक्षण एवं संवर्धन किया जाना है। इस योजना के तहत ऐसी सरंचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार के साथ बरसात के पानी को भंडारित कर आगे उपयोग किया जा सके। नरवा विकास कार्य के तहत भू-जल की स्थिति में सुधार, मिट्टी के नमी की मात्रा में वृद्धि, सिंचाई की रकबा में वृद्धि, मृदा संरक्षण आदि को ध्यान में रखते हुए गेबियन चेकवाल निर्माण, अंडर डाइक वाल निर्माण, लूज बोल्डर चेक निर्माण एवं चेकडेम निर्माण आदि कार्य किए जा रहे है।

              जिले के गौरेला विकासखंड के नालों में भी नरवा विकास के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे है। जिसका लाभ ग्रामीणों को मिलने लगा है। नरवा विकास अंतर्गत ग्राम डुगरा भयनीन नाला से ग्राम साल्हेघोरी, खुदरी नाला में विभिन्न कार्य कराया गया, जिससे उक्त क्षेत्र में सिंचित रकबा 49.81 हेक्टेयर से बढ़कर 56.10 हो गया है। पेण्ड्रा विकासखंड के ग्राम पनकोटा, फुलवारी नाला से ग्राम पीथमपुर, मुरमुर लोकल नाला में विभिन्न कार्य कराया गया, जिससे सिंचित रकबा 19.25 हेक्टेयर से बढ़कर 28.80 हेक्टेयर हो गया है एवं मरवाही विकासखंड के ग्राम कटरा, तनवरीया नाला से ग्राम धनपुर घुरदेवा नाला में नरवा विकास के कार्य से सिंचित रकबा 316.12 हेक्टेयर से बढ़कर 354.67 हेक्टेयर हो गया है। जिससे सिंचित क्षेत्र में वृद्धि के साथ ही भूजल स्तर में सुधार हुआ है। नरवा विकास से जिले में वर्षा जल का संचयन व भंडारण से सिंचाई सुविधा में वृद्धि हो रही है।

Back to top button