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समय से काम पूरा न होने पर भिलाई के प्रतिष्ठित उद्योग घराने को एनएमडीसी ने दिया नोटिस

रायपुर। भिलाई के एक प्रतिष्ठित उद्योग समूह बीके इंजीनियरिंग कारपोरेशन को करोड़ो रुपए का झटका लगने की संभावना है। बताया गया है कि इस समूह ने एनएमडीसी के नगरनार संयंत्र में निर्माण कार्य से संबंधित ठेका लिया था, लेकिन समय अवधि बीतने के काफी अरसे बाद तक काम पूरा नहीं कर पाया। एनएमडीसी ने यह ठेका टर्मिनेट करने का नोटिस जारी करने के बाद अब टर्मिनेशन का आदेश जारी कर दिया है।
बताया गया है कि इस कार्रवाई के दौरान बीके इंजीनियरिंग द्वारा जमा कराई गई 15 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर ली गई है। काम पूरा न कर पाने की वजह से कंपनी को रिस्क परचेज नोटिस भी दिया गया है। इसमें करीब 60 करोड़ का नुकसान संभावित है। यह भी पता लगा है कि बीके इंजीनियरिंग ने करीब 35 करोड़ रुपए का भुगतान हासिल कर लिया था। इस राशि की वसूली का आदेश भी संभावित है। जानकारों का आकलन है कि कुल मिलाकर यह पूरा मामला 100 करोड़ रुपए के आसपास बैठता है।
सूत्रों ने बताया कि एनएमडीसी का यह काम कसोडियम में मेसर्स श्रीराम इपीसी लिमिटेड को मिला था। वह लीडर कंपनी थी। इसी काम के दूसरे पार्टनर के रूप में चेकोस्लाविया की कंपनी हुंटी प्रोजेक्ट भी थी। इन दोनों कंपनियों ने अपना काम समय पर किया। लेकिन तीसरे पार्टनर बीके यह काम तय समय पर नहीं कर पाई। एग्रीमेंट के मुताबिक इस कंपनी को यह काम 30 माह की अवधि जुलाई 2014 में करना था, लेकिन अब तक नहीं हो पाया है। इस मामले में बीके इंजीनियरिंग का पक्ष जानने कंपनी के ईडी मयंक रस्तोगी से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन वे फोन पर उपलब्ध नहीं हुए। एनएमडीसी नगरनार के संचार प्रमुख से चर्चा के उपरांत उनका पक्ष लेने ईमेल भेजा गया है, लेकिन जवाब नही आया है। बाद में बताया गया कि इमेल नहीं मिला है। इस चर्चा के दौरान यह पूछे जाने पर कि बीके इंजीनियरिंग को टर्मिनेशन का आदेश जारी किया गया है। इस पर शीघ्र जवाब देने की बात कही गई है।

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