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हरियाणा के मंत्री को कोरोना की लगाई वैक्‍सीन, फिर भी निकले पॉजिटिव, वैक्‍सीन पर देशभर में उठे सवाल

दिल्ली। भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्‍सीन Covaxin की चर्चा अचानक तेज हो गई है। वजह है ट्रायल में शामिल हरियाणा के एक मंत्री अनिल विज का कोविड पॉजिटिव मिलना। सोशल मीडिया पर एक धड़ा विज के कोविड पॉजिटिव होने को वैक्‍सीन की सफलता/असफलता से जोड़कर देख रहा है। ऐसी अटकलों और कयासों को बढ़ावा मिल रहा है जिनमें वैक्‍सीन के असर और सेफ्टी को लेकर संदेह जताया गया है। हालांकि वैक्‍सीन निर्माता कंपनी ने साफ किया है कि Covaxin कितनी असरदार है, इसका पता ट्रायल खत्‍म होने पर ही लगेगा। भारत बायोटेक ने कहा है कि ये ट्रायल रैंडम और डबल-ब्‍लाइंड हैं, ऐसे में अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि विज को वैक्‍सीन की पहली डोज मिली भी थी या प्‍लेसीबो मिला था।
भारत बायोटेक सफाई- दोनों डोज के बाद ही वैक्सीन प्रभावी
मामला गरमाया तो कंपनी की तरफ से सफाई आई। भारत बायोटेक ने बयान जारी किया कि कोवैक्सिन का 2 ट्रायल का शेड्यूल है। दो डोज 28 दिन में दिए जाने हैं। दूसरी डोज 14 दिन बाद दी जानी है, जिसके बाद ही इसकी एफिकेसी पता चलेगी। कोवैक्सिन को इस तरह ही बनाया गया है कि दो डोज लेने के बाद ही यह असर दिखाएगी।
तीसरा ट्रायल 20 नवंबर को शुरू हुआ था
कोरोना से लड़ने के लिए भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन बनाई है, जिसका इस समय देश में ट्रायल चल रहा है। तीसरा ट्रायल 20 नवंबर को शुरू हुआ था। इस फाइनल फेज में विज को पहली डोज दी गई थी। मंत्री विज ने इस ट्रायल के लिए खुद वॉलंटियर बनने की पहल की थी। उन्हें को-वैक्सीन की दूसरी डोज 28 दिन बाद दी जानी थी, लेकिन इससे पहले ही वे कोरोना संक्रमित हो गए।
20 रिसर्च सेंटर पर तीसरा ट्रायल
देश के 20 रिसर्च सेंटर पर कोरोना वैक्सीन का तीसरा ट्रायल किया जा रहा है। करीब 26 हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। इन सेंटरों में PGIMS रोहतक भी शामिल है। भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर ये ट्रायल कर रहा है। पहले दो फेज में जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई, उनमें कोई साइड इफेक्ट नहीं नजर आया। किसी भी वॉलंटियर के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट भी नहीं है।

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