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एसी इकोनामी कोच में भी मिलेगा बेडरोल, किराया भी बढ़ेगा

एसी इकोनामी कोच (AC Economy Coach) की 81, 82 और 83 नंबर की बर्थ यात्रियों को बुक (आवंटित) नहीं होंगी. चार माह पहले एडवांस बुकिंग (Advance Booking) पीरियड के साथ ही ट्रेनों में लगने वाली एसी थर्ड इकोनामी कोच के बर्थ (Barth) की बुकिंग पर रोक लग जाएगी. अब इन बर्थों पर बेडरोल (कंबल, चादर, तकिया आदि) रखे जाएंगे.

जनरल एसी थर्ड के बराबर होगा किराया

यानी, वातानुकूलित तृतीय (AC 3), वातानुकूलित द्वितीय (AC 2) व वातानुकूलित प्रथम (AC 1 ) सहित एसी थर्ड इकोनामी कोच के यात्रियों को भी बेडरोल मिलने शुरू हो जाएंगे. हालांकि, बेडरोल की सुविधा देने के साथ ही रेलवे बोर्ड ने एसी इकोनामी कोच का किराया भी जनरल एसी थर्ड के बराबर निर्धारित करने की तैयारी शुरू कर दी है. एसी इकोनामी कोचों में छह से नौ प्रतिशत कम किराया लगता है.

तीन बर्थ की बुकिंग बंद होते ही एसी इकोनामी कोच में 80 बर्थ हो जाएगी. एसी थर्ड में 72 की जगह एसी इकोनामी में 83 बर्थ होती हैं. यह कोच भी जनरल एसी थर्ड की तरह बी नाम से जाने जाएंगे. दरअसल, एसी इकोनामी में बेडरोल रखने की कोई जगह नहीं होती. ऐसे में रेलवे बोर्ड ने तीन बर्थों को बेडरोल के लिए आरक्षित कर लिया है. जिन यात्रियों को पूर्व में इन नंबरों का आवंटन हो चुका है, उन्हें इमरजेंसी कोटा के तहत दूसरी बर्थ आरक्षित की जाएगी. मोबाइल नंबर पर आरक्षित बर्थ की सूचना भी उपलब्ध करा दी जाएगी. इसके लिए सेंटर फार रेलवे इंफार्मेंशन सिस्टम क्रिस को निर्देशित कर दिया है. नई व्यवस्था को लागू करने के लिए रेलवे बोर्ड के पैसेंजर मार्केटिंग डायरेक्टर विपुल सिंघल ने भारतीय रेलवे के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश जारी कर दिया है.

यात्रियों की सुविधा व आमदनी बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे स्तर पर एसी थर्ड की जगह एसी इकोनामी कोच ही बन रहे हैं. एसी थर्ड ही नहीं साधारण एसी चेयरकार की जगह भी इकोनामी एसी कोच लगाने की योजना है. एसी कोचों की खिड़कियां बंद होने से ट्रेनों की गति भी बढ़ जाएगी. ट्रेनें 110 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी. पूर्वोत्तर रेलवे को प्रथम चरण में लगभग 40 एसी इकोनामी कोच मिले हैं. कोचीन श्रेणी की ट्रेनों में इनका उपयोग शुरू हो चुका है.

एसी इकोनामी कोचों की विशेषताएं

एसी थर्ड से कम लगता है 6 से 9 प्रतिशत किराया.

कोच अग्नि प्रतिरोधक मेटल से बनाए जा रहे हैं.

कोच में 72 की बजाय 82 बर्थ उपलब्ध हैं.

दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष डिजाइन.

मोबाइल, मैग्जीन होल्डर्स, फायर सेफ्टी की व्यवस्था.

पढ़ने के लिए रीडिंग लाइट व मोबाइल चार्जिंग प्वाइंटस.

मिडिल व अपर बर्थ पर चढऩे के लिए आरामदायक सीढी.

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