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छात्रा का पीछा करना गंभीर प्रवृत्ति का अपराध : अदालत

नई दिल्ली. स्कूल की छात्रा का पीछा करने वाले युवक को अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा कि यह अपराध गंभीर प्रवृति का है.

ऐसे आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती. हालांकि, बचाव पक्ष का कहना था कि आरोपी की आयु महज 20 वर्ष है. उसका इरादा छात्रा को क्षति पहुंचाना नहीं था. लेकिन, अदालत ने कहा कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी जमानत पाने का हकदार नहीं है. रोहिणी अदालत ने आरोपी युवक की अग्रिम जमानत याचिका नामंजूर करते हुए कहा कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी कर सकती है.

 वहीं, आरोपी युवक की ओर से कहा गया था कि वह लड़की के साथ सिर्फ दोस्ती करना चाहता था. वह उसका पीछा नहीं कर रहा था, बल्कि उससे बात करने के लिए एक बार उसके साथ गया था. उसका मकसद किसी भी तरह से लड़की को क्षति पहुंचाना नहीं था. अदालत ने कहा कि कानून की नजर में किसी लड़की की मर्जी के बगैर उसके पीछे जाना, बात करने का प्रयास करना अथवा किसी भी अन्य तरह की हरकत अपराध की श्रेणी में आता है. इसके लिए उसे राहत नहीं दी जा सकती. पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में लड़की के पिता की ओर से शिकायत मिली है. पुलिस सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य साक्ष्य जुटा रही है. कई लोगों के बयान लिए गए. खासतौर पर लड़की और परिवार के बयान दर्ज किए गए.

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