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ईसीटीए लोगों से लोगों का संपर्क बढ़ाएगा जिससे अतिरिक्त व्यवसायों का सृजन होगा, ईसीटीए से रत्न एवं आभूषण सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ऐतिहासिक भारत ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते ( भारत ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए ) के तहत ऑस्ट्रेलिया द्वारा 100 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त किए जाएंगे. वह आज ऑस्ट्रेलिया की संसद द्वारा समझौते के अनुमोदन के बाद ईसीटीए पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा कहा कि ईसीटीए उस संबंध के कारण ही संभव हो पाया जो उन्होंने सभी पार्टी लाइनों से परे ऑस्ट्रेलिया में नेतृत्व के साथ स्थापित किया था.

ईसीटीए अर्थव्यवस्था के कई सेक्टरों को, विशेष रूप से कपड़ा, रत्न एवं आभूषण तथा फार्मास्यूटिकल्स को अत्यधिक बढ़ावा देगा. उल्लेखनीय है कि ईसीटीए के परिणामस्वरूप 10 लाख से अधिक रोजगारों के सृजन की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत में सेवा क्षेत्र के लिए भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है और इससे छात्रों को प्रचुर लाभ मिलेगा जिन्हें ऑस्ट्रेलिया में काम करने का अवसर प्राप्त होगा. भारत के योग गुरुओं तथा शेफ के लिए 1800 का वार्षिक वीजा कोटा स्थापित किया जाना है. रेखांकित किया कि ईसीटीए को बहुत व्यापक तथा संपूर्ण हितधारक परामर्शों के बाद अंतिम रूप दिया गया और उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते को सर्वसहमति से स्वीकार किया गया तथा सभी तरफ से इसे सराहना मिली.

यह समझौता दोनों देशों के बीच विश्वास और भरोसे को और विश्व में भारत के बढ़ते कद को परिलक्षित करता है. उन्होंने कहा कि ईसीटीए एक जीवंत लोकतंत्र वाले देश ऑस्ट्रेलिया, जिसने भारत के कई हितों को साझा किया था, के साथ भारत के संबंधों में और गहराई लाएगा.

भारत ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए जिस पर 2 अप्रैल 2022 को हस्ताक्षर किए गए थे, आज ऑस्ट्रेलिया की संसद द्वारा भारत ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए बिल तथा डीटीएए बिल पारित किए जाने के साथ इसके आरंभिक कार्यान्वयन के लिए तैयार है तथा इसे शाही सहमति के लिए कार्यकारी परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है. दोनों पक्षों द्वारा एक परस्पर सुविधाजनक तिथि पर अपनी घरेलू प्रक्रियाओं को पूरी कर लेने के बाद जल्द ही यह समझौता लागू हो जाएगा.

ऑस्ट्रेलिया भारत का एक महत्वपूर्ण सणनीतिक साझीदार है और दोनों ही चार देशों के क्वाड, त्रिपक्षीय आपूर्ति श्रृंखला पहल तथा भारत-प्रशांत आर्थिक फोरम ( आईपीईएफ ) के हिस्से हैं. ईसीटीए के तहत सुविधा प्राप्त व्यापार संबंध साझा हितों तथा व्यापार सहयोगों के साथ दो जीवंत अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारत- ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक साझीदारी पर एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा शुरु किया गया यह समझौता हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों की आधारशिला है. ईसीटीए एक दशक के बाद किसी विकसित देश के साथ किया गया भारत का पहला व्यापार समझौता है. इस समझौते में दो मित्र देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों के संपूर्ण क्षेत्र में सहयोग सन्निहित है. यह ऑस्ट्रेलिया के सात लाख से अधिक भारतीय प्रवासियों, जो दूसरा सबसे बड़ा कर दाता डायस्पोरा है, के साथ भी जुड़ेगा जो ऑस्ट्रेलिया के समाज और अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देता है.

ईसीटीए दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित करने एवं सुधार लाने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध कराता है. पिछले एफटीए के विपरीत, पहली बार, पूरी तरह प्रत्येक उद्योग, मंत्रालयों, व्यापार संघों आदि के साथ व्यापक हितधारक परामर्शों के आधार पर निर्णय लिए गए. ऐसी उम्मीद है कि इस समझौते के साथ, कुल द्विपक्षीय व्यापार पांच वर्षों में वर्तमान 31 बिलियन डॉलर से बढ़कर 45-50 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. भारत के वस्तु व्यापार के 2026-27 तक 10 बिलियन डॉलर बढ़ जाने की उम्मीद है. इसके अतिरिक्त, चूंकि  श्रम केंद्रित सेक्टर लाभान्वित होंगे, ऐसी उम्मीद की जाती है कि इससे भारत में कम से कम 10 लाख अतिरिक्त रोजगार सृजित होंगे, निवेश के लिए पर्याप्त अवसरों का निर्माण होगा और स्टार्ट अप्स को भी बढ़ावा मिलेगा. इसी प्रकार, यह ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के लिए अधिक रोजगारों का सृजन करेगा तथा भारत में अधिक प्रेषित राशि आएगी.

भारत के निर्यातों के लगभग 96 प्रतिशत कच्चे माल तथा इंटरमीडिएट उत्पाद होते हैं जो कई भारतीय उद्योगों को सस्ता कच्चा माल प्राप्त करने में सक्षम करेगा तथा उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाएगा. निवेशों से उन्नत प्रौद्योगिकी के उच्चतर मूल्य उत्पादों की उपस्थिति बढ़ने में सहायता प्राप्त होगी जिससे मूल्य श्रृंखला ( इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रोनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स तथा मेडिकल उपकरण ) में वर्टिकल मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा. फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में एक अन्य प्रमुख लाभ होगा जहां अन्य विकसित अधिकार क्षेत्र में स्वीकृत औषधियों को पैटेंटीकृत, जेनेरिक तथा बायोसिमिलर दवाओं के लिए त्वरित गति से स्वीकृति प्राप्त होगी.

जहां तक सेवा क्षेत्र में व्यापार का संबंध है तो, ऑस्ट्रेलिया ने लगभग 135 उप क्षेत्रों में जो आईटी, आईटीईएस, व्यवसाय सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और ऑडियो विजुअल जैसे भारत के दिलचस्पी वाले क्षेत्रों को कवर करते हैं, व्यापक प्रतिबद्धताएं प्रस्तुत की हैं. सेवा क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया द्वारा प्रस्तुत कुछ प्रमुख प्रस्तावों में – शेफ एवं योग गुरुओं के लिए कोटा, पारस्परिक आधार पर भारतीय छात्रों के लिए 2-4 वर्षों के लिए पोस्ट स्टडी वर्क वीजा, व्यावसायिक सेवाओं तथा अन्य लाइसेंसप्राप्त/ विनियमित पेशों की आपसी स्वीकृति तथा युवा प्रोफेशनलों के लिए वर्क तथा होलीडे वीजा व्यवस्था शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, इस समझौते के तहत आईटी/आईटीईएस से संबंधित दोहरा कराधान के तहत लंबे समय से विचाराधीन मुद्वों का समाधान कर दिया गया है जो उद्योग संगठनों से प्राप्त अनुमानों के अनुसार प्रति वर्ष 200 मिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक बचत में सहायक होगा.

ईसीटीए के तहत की गई प्रतिबद्धताओं के हिस्से के रूप में , व्यापक भारत ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए के लिए दोनों पक्षों के लिए मुख्य वार्ताकारों की शीघ्र ही स्कोपिंग दस्तावेज को अंतिम रूप देने के लिए एक बैठक होगी.

कुल मिला कर, व्यापक भारत ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए पहले से ही दोनों देशों के बीच गहरे, घनिष्ठ तथा रणनीतिक संबंधों को और सुदृढ़ बनाएगा तथा वस्तुओं एवं सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा, रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेगा, जीवन स्तर को बढ़ाएगा तथा दोनों देशों के लोगों के सामान्य कल्याण में सुधार लाएगा.

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