छत्तीसगढ़

बेरोजगारी भत्ता देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, मुझे पूरी खुशी तब होगी जब आप सबके हाथ में रोजगार होगा

रायपुर. बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुरुआत की है. इस मौके पर उन्होंने युवाओं से चर्चा की .मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे लिए बहुत बड़ा दिन है. आज हम ऑनलाइन बेरोजगारी भत्ता दे रहे हैं. लगभग 70 हजार बच्चे पात्र पाये गए हैं. आवेदन कभी भी कर सकते हैं तो ये संख्या बढ़ेगी.

 सरगुजा से वर्चुअल जुड़े हितग्राही हितेश ने बताया कि इस राशि से आगे पढ़ाई में मदद मिलेगी. मेघा खांडेकर ने बताया कि मम्मी हाउसवाइफ हैं. पिता नहीं है. मुझे इन पैसों से अपने सपनों को पूरा करने में मदद मिलेगी. हम आपके द्वारा दिये गए पैसों का बेहतर उपयोग करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी को रोजगार दिलाने की दिशा में काम कर रहे हैं.

रायगढ़ से जुड़ी ईश्वरी साहू ने कहा कि मैं पीजीडीसीए की पढ़ाई कर रही हूं. मम्मी सिलाई करती हैं. पिता प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं. वेतन काफी कम है. मुझे आगे की पढ़ाई के लिए काफी राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बेरोजगारी भत्ते की पात्रता को काफी शिथिल किया, इससे बड़ी संख्या में युवाओं को लाभ मिला है.

कोरिया से कोमल ने बताया कि मैं एमएससी कर रही हूं. आगे शिक्षिका बनना चाहती हूं. कोमल ने बताया कि अपनी पढ़ाई के लिए इस राशि का उपयोग करूंगी.

दुर्ग से ऐश्वर्या साहू ने बताया कि उसने बीएड किया है. अब आगे की पढ़ाई करूंगी. रोजगार के लिए बहुत से फॉर्म आते हैं उन्हें भरूँगी. ऐश्वर्या ने मुख्यमंत्री को अपना एसएमएस भी दिखाया जिसमें भत्ते की राशि डीबीटी से आई थी. मुख्यमंत्री ने खुशी जताई.

प्रियंका पैकरा सरगुजा ने बताया कि मैं इस पैसे से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करूंगी. आपको वादा करती हूं कि डिप्टी कलेक्टर, कलेक्टर बनूंगी.

  बिलासपुर से आये वैभव ने बताया कि पूरे देश भर में परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरता हूँ. आपने तो व्यापमं और पीएससी के लिए फॉर्म का शुल्क मुफ्त कर दिया है पर शेष राज्यों में यह अब भी है.

महासमुंद से ऋषभ चंद्राकर ने बताया कि कोचिंग करना है तो फीस देना है. अब हम लोगों की फीस की व्यवस्था हो जाएंगी. मितांजली ने बताया कि आपके पैसे से ट्यूशन खोलूंगी और लोगों को मुफ्त में गणित पढ़ाऊंगी.

रायपुर की संजना तिवारी ने कहा कि विद्यार्थी अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए घर पर निर्भर रहते हैं. अब इस भत्ते से हम घर वालों पर निर्भर नहीं रहे और पूरे मनोयोग से तैयारी करूंगी और डिप्टी कलेक्टर बनूंगी.

गजानंद ने बताया कि मेरे मम्मी पापा मजदूर हैं. मैं परीक्षा की तैयारी करना चाहता हूं. खैरागढ के एक युवक ने बताया कि अपने गांव में मैं एकलौता बीएड हूँ. अब भत्ता मिलेगा तो शिक्षक भर्ती के लिए तैयारी करूंगा..  मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य यह है कि आप सभी को रोजगार के लिए तैयारी करने मौका मिले. प्रशिक्षण मिले. अब आप अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे.

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