छत्तीसगढ़बिलासपुर

हाईकोर्ट ने मेंटल हॉस्पिटल में डॉक्टर, वार्ड बॉय सहित सुविधाओं पर मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर. सेंदरी स्थित मानसिक चिकित्सालय में बिस्तरों की संख्या, मनोरोग चिकित्सक, वार्ड बॉय नियुक्त करने सहित अन्य सुविधाओं पर हाईकोर्ट ने कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. स्वास्थ्य सचिव को मामले में शपथपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है. सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया है. उल्लेखनीय है कि पूर्व में हुई सुनवाई में शासन ने कोर्ट में कहा था कि बिस्तरों की संख्या 200 की जा रही है और डॉक्टरों की कमी भी दूर की जाएगी.

राज्य में मानसिक रोगियों के इलाज के लिए 2017 में बने अधिनियम के अनुसार प्रावधान और सुविधा नहीं होने पर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. साथ ही मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान भी लिया है. दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई चल रही है. याचिका में बताया गया है कि डब्ल्यूएचओ के नियम अनुसार 10 हजार लोगों पर एक मनोचिकित्सक होना चाहिए, जबकि राज्य में 8 लाख लोगों पर एक डॉक्टर है. प्रावधान के अनुसार हर जिले में एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र और मनोचिकित्सक होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है.

11 पद स्वीकृत, सिर्फ 3 डॉक्टरों की पोस्टिंग

याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी के लिए 11 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन उनमें से मात्र 3 पद पर ही सायकेट्रिस्ट नियुक्त हैं. इसके अलावा एक ईएनटी और एक आर्थोपेडिक चिकित्सक की नियुक्ति कर दी गई है. कोर्ट ने प्रावधान के अनुसार इलाज के लिए प्रदेश में की जा रही व्यवस्था और मानसिक चिकित्सालय में रिक्त पद भरने के लिए क्या किया जा रहा, इस पर पूरी रिपोर्ट राज्य शासन से मांगी है.

165 मरीजों में पर सिर्फ 2 साइकेट्रिस्ट

सेंदरी स्थित मेंटल अस्पताल में 7 साल बाद भी डॉक्टर और दूसरे कर्मचारियों की कमी है. 165 मरीजों में दो साइकेट्रिस्ट हैं. इसके अलावा क्लीनिकल साइकेट्रिस्ट नहीं हैं. नर्स और दूसरे स्टाफ की संख्या भी आधी ही है. यहां दूसरे प्रदेशों के मानसिक रोगी भी भर्ती हैं. लंबे समय से इलाज के बाद इनमें से कुछ ठीक हो चुके हैं, लेकिन परिजनों के नहीं आने के कारण वे यहां से नहीं जा पा रहे हैं. इनकी पुनर्वास की योजना भी अटकी हुई है.

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