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हंगरी सरकार ने ऊर्जा आपातकाल की घोषणा की

बुडापेस्ट, 14 जुलाई  हंगरी सरकार ने ऊर्जा आपातकाल की स्थिति घोषित की है और ऊर्जा सुरक्षा पर 7 सूत्रीय योजना को अपनाया है, जिसमें हंगरी के नागरिकों की आपूर्ति सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है. यह जानकारी एक संवाददाता सम्मेलन में दी गई है. यह उपाय एक अगस्त से प्रभावी होंगे. समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गुलियास ने बुधवार को यूक्रेन में लंबे समय से चल रहे संघर्ष और रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों को यूरोप में ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसे अब उन्होंने ऊर्जा संकट कहा है.

हाल के दिनों में, यह स्पष्ट हो गया है कि यूरोप के कुछ हिस्सों में गर्मी के मौसम के लिए पर्याप्त गैस नहीं होगी.

आपातकालीन योजना के हिस्से के रूप में, घरेलू प्राकृतिक गैस का उत्पादन दोगुना होकर 2 बिलियन क्यूबिक मीटर हो जाएगा और सरकार ने अतिरिक्त गैस आपूर्ति पर बातचीत करने के लिए विदेश मंत्री पीटर स्जीजटरे को काम सौंपा.

गुलियास ने कहा कि बिजली के लिए औसत वार्षिक खपत 2,523 किलोवाट घंटे और गैस के लिए 1,729 क्यूबिक मीटर रही है.

प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन 2010 से सत्ता में हैं, उन्हें इस संकट का सामना करना पड़ रहा है. हंगरी में मुद्रास्फीति 12 प्रतिशत के करीब पहुंच रही है, जो 24 साल के उच्चतम स्तर पर है, जबकि देश की मुद्रा (फोरिंट) यूरो और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर है. इसके अलावा, हंगरी में कानून के शासन की स्थिति के लिए चिंताओं के कारण महत्वपूर्ण यूरोपीय संघ (ईयू) के धन तक देश की पहुंच को अवरुद्ध कर दिया गया है.

राज्य के खजाने को भरने के लिए दबाव में आई सरकार ने मंगलवार को व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए तरजीही कर व्यवस्था को समाप्त कर दिया, जिसके कारण राजधानी में प्रदर्शन हुए.

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