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विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं से ठगी का मामला पहुंचा PMO, बोले ACP- मेरी नौकरी खतरे में!

वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं से ठगी का एक मामला पीएमओ तक पहुंचा है. विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कराने के नाम पर ठगी कराने के इस मामले से जुड़ी पीएमओ की चिट्ठी जब स्थानीय पुलिस प्रशासन को मिली तो हड़कंप मच गया.

पुलिस ने फूल माला विक्रेता और प्रसाद के दुकानदारों की बैठक बुलाकर उन्हें जल्द से जल्द रेट लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया. पुलिस ने कहा कि स्वीकृति के बाद रेट लिस्ट के हिसाब से फूल माला और प्रसाद की बिक्री होगी. पुलिस ने बाबा विश्वनाथ के नाम पर धोखा देना बंद होना चाहिए.

पुलिस ने दुकानदारों से दुकानों पर किसी बच्चे से काम न लेने की भी सख्त हिदायत दी. पुलिस ने कहा कि अगर कोई बच्चा काम करते हुए मिला तो बाल श्रम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने ये निर्देश भी दिए कि फूल की डलिया पर लोगो बनवा लें और पंजीकरण करा लें.

क्या है मामला?

बताया जा रहा है कि दिल्ली के एक शख्स से एक पंडा ने दर्शन कराने के नाम पर 5000 रुपए ठग लिए. ठगी के शिकार इस शख्स ने मामले की लिखित शिकायत प्रधानमंत्री कार्यलाय से कर दी. बताया जा रहा है कि इस शख्स ने डीजी ऑफिस के साथ ही मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट भी कर दिया.

एक्शन मोड में आई पुलिस

पीएम का लेटर मिलते ही पुलिस एक्शन मोड में आ गई. एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय की मौजूदगी मे फूल माला और प्रसाद के दुकानदारों के साथ पुलिस ने बैठक की. उन्होंने दुकानदारों से कहा कि आज मेरी नौकरी खतरे में आ गई. पीएमओ से लेटर आया है कि दिल्ली के एक शख्स के साथ आए 5-6 लोगों को एक पंडा ने फूल माला विक्रेता के सहयोग मुफ्त में दर्शन करा दिए और बिना टिकट के बाबा विश्वनाथ का स्पर्श भी करा दिया. लेकिन मंदिर के बाहर आकर उस पंडा ने इस काम के लिए 5000 रुपये ऐंठ लिए. बताया जा रहा है कि विश्वनाथ मंदिर के पर तैनात एक पुलिस अधिकारी को हटाया भी गया है.

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