छत्तीसगढ़

समावेशी शिक्षा: दृष्टिबाधित स्कूली बच्चों को स्मार्टफोन के जरिए मिलेगी अध्ययन सामग्री

रायपुर. छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अध्ययनरत् दृष्टिबाधित बच्चों को अब समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के तहत अध्ययन सामग्री स्मार्टफोन के जरिए उपलब्ध करायी जाएगी. इस कार्यक्रम के संचालन के लिए शिक्षकों की कार्यशाला 14 से 23 सितंबर तक राजधानी रायपुर के ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान निमोरा में आयोजित किया जा रहा है. कार्यशाला का उद्घाटन प्रशिक्षण संस्थान निमोरा के निदेशक पी.सी. मिश्रा एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक नरेंद्र कुमार दुग्गा रायपुर के मुख्य आतिथ्य में हुआ.

 इस कार्यशाला में प्रथम एवं द्वितीय चरण में विद्यालयों में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत दृष्टिबाधित बच्चों के साथ चयनित बीआरपी (समावेशी शिक्षा) को स्मार्टफोन में पाठ्यपुस्तक के उपयोग हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है. तृतीय चरण में सत्र 2019-20 में जिन बच्चों को समग्र शिक्षा द्वारा स्मार्टफोन प्रदान किया गया था, उनके लिए रिफ्रेशर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान निमोरा के निदेशक श्री पी.सी. मिश्रा के द्वारा समस्त दृष्टिबाधित बच्चों को शुभकामना देते हुए सक्षम बनने एवं विशेषज्ञों से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया. समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री दुग्गा द्वारा राज्य में दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन पर जोर देते हुए उनके शैक्षणिक उपलब्धि के लिए समग्र शिक्षा द्वारा समुचित प्रयास किए जाने की बात कही गई. उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित बच्चे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए आत्मनिर्भर बन सकेंगे एवं भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समग्र शिक्षा के द्वारा सतत रूप से आयोजित किए जाएंगे.

 इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के स्कूलों में अध्ययनरत् दृष्टिबाधित बच्चों के अध्ययन में आ रही समस्याओं को दूर कर उन्हें शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ना है. कार्यक्रम के अंतर्गत दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन के जरिए सुगम्य पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराना है. दृष्टिबाधित बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने में कोलकाता की संस्था एम जंक्शन का सहयोग लिया जा रहा है. समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित की जा रही इस योजना में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत् दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन के जरिए अध्ययन सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी. जिससे कि ये बच्चे डिजिटल शिक्षा में कुशलता प्राप्त कर सके.

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