छत्तीसगढ़

स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग 18 जुलाई से 30 जुलाई तक

रायपुर. प्रदेश के सभी स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग 18 जुलाई से 30 जुलाई तक की जाएगी. स्कूलों शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिला आबंटित कर शैक्षणिक संस्थाओं के आकस्मिक निरीक्षण और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. नये शिक्षा सत्र में विशेष तौर पर स्कूलों में शिक्षक और प्रधान पाठकों की अनुपस्थिति या विलंब से उपस्थिति, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, प्रार्थना का क्रियान्वयन, निर्धारित शैक्षणिक कैलेण्डर अनुसार शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे अध्यापन कार्य, बैगलैस डे पालन, शाला निर्धारित समय-सारणी अनुसार संचालित, मध्यान्ह भोजन योजना सहित अन्य कार्यों के क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया जाएगा.
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव एस. भारतीदासन ने सभी निरीक्षणकर्ता अधिकारी को निर्देशित किया है कि अनुपस्थित एवं विलंब से स्कूल आने वाले शिक्षकों, प्रधान पाठकों, प्राचार्यों के विरूद्ध त्वरित अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने इसके लिए विकाखण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, संभागीय संयुक्त संचालक, संचालक और अपर सचिव को उसी दिन अनिवार्य रूप से व्हाट्सएप द्वारा प्रस्तावित किया जाए.
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान स्कूलों में उपस्थित, समय पर अनुपस्थित, विलंब से आने वाले, समय से पूर्व स्कूल छोड़ने वाले शिक्षकों की जानकारी ली जाएगी. स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और गुणवत्ता का स्तर देखा जाएगा. विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उनके पढ़ने-लिखने, समझने, अभिव्यक्ति और विज्ञान एवं गणित में दक्षता को परखा जाएगा. निरीक्षण दल द्वारा विद्यार्थियों में गुणवत्ता सुधार और शतप्रतिशत उपस्थिति हेतु किए जा रहे उपचारात्मक प्रयास की जानकारी ली जाएगी. स्कूलों में नियमित प्रार्थना सभा और बैगलैस-डे की गतिविधियों, निर्धारित शैक्षणिक कैलेण्डर का अनुपालन, शिक्षक डायरी का संधारण और उसके अनुसार अध्यापन को भी देखा जाएगा. इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन, रसोईयों का मानदेय के साथ ही गांव के रूरल इंडस्ट्रिज पार्क, गौठान से लिंकेज हुआ है या नहीं. इसकी भी जानकारी ली जाएगी. माटी पूजन अभियान के तहत शाला परिसर में साग-भाजी का उत्पादन का भी निरीक्षण किया जाएगा. स्कूल में प्रयोगशाला के संचालन के साथ ही प्रयोगशाला में उपलब्ध सामग्रियों ब्योरा भी एकत्र किया जाएगा. स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल के भवन की स्थिति, वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी, स्वीकृत पद अनुसार प्राचार्य-शिक्षकों की नियुक्ति, स्वीकृत पद संख्या अनुसार विद्यार्थियों का प्रवेश की जानकारी के साथ ही पुस्तकालय, प्रयोगशाला कक्ष और खेल मैदान की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा.
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव एस. भारतीदासन ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों, अधीनस्थ उप संचालकों, सहायक संचालकों द्वारा कार्य क्षेत्र अंतर्गत जिलों में न्यूनतम 10-10 स्कूलों (हायर सेकेण्डरी, हाई स्कूल, प्राथमिक) का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, अधीनस्थ सहायक संचालकों, समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयक, प्राचार्य डाईट द्वारा कम से कम 10-10 स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे. इसी प्रकार सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यक्षेत्र अंतर्गत न्यूनतम 10-10 मिडिल और प्रायमरी स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण और सभी हाई सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य, संकुल समन्वयक द्वारा अपने-अपने संकुलों में न्यूनतम 5-5 मिडिल और प्रायमरी स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे.
सभी जिला शिक्षा अधिकारी अपने अधीनस्थ मैदानी अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण के संबंध में संक्षिप्त प्रतिवेदन अपने अभिमत के साथ आवश्यक कार्यवाही के लिए 5 अगस्त तक संभागीय संयुक्त संचालक को सौंपेंगे. सभी संभागीय संयुक्त संचालक इन निरीक्षण कार्यों की समीक्षा कर अपने संक्षिप्त प्रतिवेदन और स्पष्ट अभिमत के साथ आवश्यक कार्यवाही के लिए 10 अगस्त तक और सभी राज्य स्तरीय अधिकारी अपना प्रतिवेदन 5 अगस्त के पूर्व अवर सचिव स्कूल शिक्षा मंत्रालय अन्वेष घृतलहरे को उपलब्ध कराएंगे.

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