छत्तीसगढ़

5 वर्षीय बच्ची के हार्ट के उपर था ट्यूमर का अंबडेकर अस्पताल के हार्ट,चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में सफल ऑपरेशन

रायपुर. पं.जवाहार लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत स्थित डॉ. भीमराव अंम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट,चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में 05 वर्षीय बच्ची के ह्रदय के ऊपर स्थित दुर्लभ ट्यूमर का सफल ऑपरेशन करके एक और कारनामा कर दिखाया. यह बच्ची ऑपरेशन के बाद स्वस्थ्य है और 5 दिनों बाद इस विभाग से छुटी दे दी गई है.
डॉ.कृष्णकांत साहू के अनुसार अंबिकापुर की रहने वाली यह 05 साल की बच्ची जिसका नाम तायबा खातून है, जिसको 05 महीने से खॉसी एवं छाती में दर्द की शिकायत थी. खांसी ठीक न होने पर रायपुर के निजी अस्पताल से सी.टी. स्केन एवं अन्य जांच कराने पर पता चला कि मरीज के हार्ट के ऊपर एक ट्यूमर है जो हार्ट एवं फेफड़े की नसों को दबा रहा है. वहॉ के डाक्टर ने मरीज को एसीआई के हार्ट, चेस्ट, और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में रिफर कर दिया. डॉ. कृष्णकांत साहू के द्वारा मरीज के माता पिता को समझाने के दौरान ट्यूमर का नाम सुनते ही मरीज के माता-पिता के होश उड़ गये. क्येाकि इतनी कम उम्र में ट्यूमर वह भी हार्ट के ऊपर. ऑपरेशन के रिस्क के बारे में समझाया गया कि ऑपरेशन के दौरान कुछ भी हो सकता हैं. यहा तक कि मृत्यु भी हो सकती है, परन्तु मरीज के माता-पिता दोनों को ही इस संस्थान पर बहुत ही ज्यादा विश्वास था एवं ऑपरेशन के लिए हामी भर दी.
यह ट्यूमर जिसको मेडिकल भाषा में मैच्चुर मेडिस्टाइनल टेरेटोमा कहा जाता है. यह सामान्यतः 20 से 40 साल के मरीजों में पाया जाता है वह भी पेट के आस-पास. पंरतु 05 साल की बच्ची में इस ट्यूमर का पाया जाना वह भी हार्ट के ऊपर बहुत ही दुर्लभ है.
इस तरह सफल हुआ ऑपरेशन
मरीज के र्स्टनम (छाती की हड्डी) को बीचों बीच काटा गया एवं ट्यूमर को सावधानी पूर्वक हार्ट एवं फेफड़े की खून की नसों से अलग किया गया. यदि जरा भी चुक होती है, तो मरीज को जान तुंरत जा सकती थी. यह ट्यूमर हार्ट के सुपरियर वेना केवा एवं पल्मोनरी आर्टरी, वेन, दायां अलिंद एवं फ्रेनिक नर्व को चपेट में ले रखा था. महत्वपूर्ण अंगो से अलग करने के पश्चात् इस ट्यमूर को निकाल लिया गया.
आज मरीज को असपताल से छुट्टी दे दी गयी. मरीज के माता पिता ने इस विभाग एवं अस्पताल के डॉक्टरों एवं अन्य स्टॉफ की बहुत तारीफ की कि वास्तव में सरकारी अस्पताल कितना बदल गया है. यहॉ मरीजों की देख रेख एवं सुविधा बहुत अच्छी है. एवं यह ऑपरेशन सरकारी योजना के अतंर्गत फ्री में हुआ.

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