
इलेक्टोरल बॉन्ड (चुनावी बॉन्ड) से जुड़े मामले में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर लिया है. बुधवार (13 मार्च, 2024) को एसबीआई की ओर से सर्वोच्च अदालत में हलफनामा दाखिल किया, जिसके जरिए बैंक के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने बताया- हमने देश की सबसे बड़ी अदालत के आदेश का पालन किया है. चुनाव आयोग (ईसी) को चुनावी बॉन्ड के चंदे की जानकारी भी उपलब्ध करा दी है.
हलफनामे में आगे कहा गया है कि उपरोक्त निर्देशों के सम्मानजनक अनुपालन में, 12.03.2024 को व्यावसायिक समय समाप्त होने से पहले इस जानकारी का एक रिकॉर्ड डिजिटल रूप (पासवर्ड संरक्षित) भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को उपलब्ध कराया गया. (i) निर्देश संख्या (बी) के अनुसार, प्रत्येक चुनावी बॉन्ड की खरीद की तारीख, खरीदार का नाम और मूल्यवर्ग खरीदे गए चुनावी बॉन्ड की जानकारी दी गई है. निर्देश संख्या (सी) के अनुसार, नकदीकरण की तारीख, चुनावी बॉन्ड, उन राजनीतिक दलों के नाम, जिन्होंने योगदान प्राप्त किया है और उक्त बॉन्ड का मूल्यवर्ग है.
इसमें आगे कहा गया है कि उपरोक्त डेटा 12.04.2019 से 15.02.2024 के बीच खरीदे और भुनाए गए बॉन्ड के संबंध में प्रस्तुत किया गया है. इस अवधि के दौरान चुनावी बॉन्ड चरणों में बेचे और भुनाए गए और 11 वां चरण 01.04.2019 से शुरू हुआ. आवेदन में निर्धारित बॉन्डों की संख्या में वे बॉन्डों शामिल हैं जो 1 अप्रैल, 2019 से शुरू होने वाली अवधि के दौरान खरीदे गए थे, 12 अप्रैल, 2019 से नहीं. कुल 22,217 बांड 01.04.2019 से 15.02.2024 की अवधि के दौरान खरीदे गए थे. जिनमें से 22,030 बॉन्ड को भुनाया गया.
जिन बॉन्ड को किसी ने कैश नहीं कराया उनके रुपए पीएम रिलीफ फंड में ट्रांसफर कर दिए गए.” एसबीआई की ओर से इस बारे में जानकारी पासवर्ड प्रोटेक्टेड पीडीएफ फाइल के रूप में पेन ड्राइव के जरिए ईसी को सौंप दी है.






