
नई दिल्ली – दिल्ली कैबिनेट ने गुरुवार को एक अहम निर्णय लिया है। इसके तहत दिल्ली सरकार ने एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी और हैंडीकैप फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसएफडीसी) के कर्मचारियों के रुके हुए वेतन के लिए 17 करोड़ रुपये जारी करने का फैसला किया है। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, “आज हमने डीएसएफडीसी के कर्मचारियों की तनख्वाह शुरू करा दी है।”
क्या है डीएसएफडीसी?
यह कॉरपोरेशन एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी और दिव्यांगजनों को सस्ती दरों पर लोन प्रदान करता है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि भाजपा ने उन्हें जेल भेजकर इस कॉरपोरेशन को बंद करने की कोशिश की थी, ताकि गरीबों को यह मदद न मिल सके। लेकिन अब उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि रुके हुए काम पूरे हों और कर्मचारियों को उनकी तनख्वाह मिल सके।
मुख्यमंत्री आतिशी का बयान
मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि डीएसएफडीसी कर्मचारियों का वेतन जारी करने के लिए कैबिनेट ने 17 करोड़ रुपये का ‘ग्रांट इन ऐड’ जारी करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत कर्मचारियों को जनवरी से अब तक की तनख्वाह दी जाएगी और आगे से समय पर वेतन मिलेगा।
कर्मचारियों की तनख्वाह रोकने की साजिश
अरविंद केजरीवाल को जेल भेजने के बाद, दिल्ली में विरोधी दलों ने डीएसएफडीसी के 125 कर्मचारियों की महीनों तक तनख्वाह रोक दी थी। लेकिन अब दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि कर्मचारियों का बकाया वेतन दिया जा सके और भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न हो।
आगे की योजना
कैबिनेट में यह भी चर्चा हुई कि डीएसएफडीसी को कैसे फिर से मजबूत किया जा सकता है ताकि यह गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सके।






