
केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत संबद्ध निजी अस्पतालों के लिए उपचार शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है. इस फैसले से से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पर हर साल 240-300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अभी सीजीएसएच के लाभार्थियों को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ओपीडी जांच के लिए 150 रुपये देने होते थे, लेकिन अब यह राशि 350 रुपये निर्धारित की गई है. इसी प्रकार आईपीडी के शुल्क 300 को बढ़ाकर 350 किया गया है. मंत्रालय के अनुसार निजी अस्पतालों में भर्ती होने के दौरान जनरल वार्ड के मौजूदा शुल्क एक हजार को बढ़ाकर डेढ़ हजार, सेमी प्राइवेट वार्ड के दो हजार को बढ़ाकर तीन हजार तथा प्राइवेट वार्ड के शुल्क तीन हजार को बढ़ाकर 4500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है.
आईसीयू का शुल्क भी बढ़ाया इसी प्रकार आईसीयू के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है. मौजूदा समय में इसका शुल्क 862 रुपये और वार्ड या रूम का किराया होता है. आगे भी यही फार्मूला रहेगा. इस प्रकार अब प्राइवेट वार्ड के आईसीयू का शुल्क 862 रुपये +4500 रुपये यानी कुल 5400 रुपये प्रतिदिन होगा.
विभिन्न पक्षों की तरफ से लंबे समय से इन शुल्कों में बदलाव की मांग की जा रही थी. दरअसल, 2014 के बाद से इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. शुल्कों का नए सिरे से निर्धारण नहीं होने के कारण कई निजी अस्पताल सीजीएचएस पैनल से अलग भी होने लगे थे, लेकिन इस बढ़ोतरी से अस्पतालों को लाभ होगा और वे सीजीएचएच के साथ बने रहेंगे.






