
भारत के साथ विवाद के बाद मालदीव को पर्यटन में नुकसान हुआ. अब पर्यटकों को लुभाने के लिए मालदीव भारतीय शहरों में रोड शो आयोजित करेगा. गुरुवार को प्रमुख पयर्टन संस्था ने घोषणा की.
मालदीव एसोसिएशन आफ ट्रैवल एजेंट्स एंड टूर आपरेटर्स (माटाटो) ने दोनों देशों के बीच यात्रा और पर्यटन सहयोग बढ़ाने पर भारत के उच्चायुक्त मुनु महावर के साथ चर्चा की.
इसका मकसद भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट को रोकना है. जल्द ही प्रमुख भारतीय शहरों में व्यापक रोड शो शुरू करने की तैयारी है. इसके लिए मालदीव में भारतीय उच्चायोग से मुलाकात हुई.
आंकड़े बताते हैं कि पहले यहां आने वाले भारतीय पर्यटक शीर्ष पर थे, लेकिन अब यह छठे स्थान पर पहुंच गए हैं. इस साल 10 अप्रैल तक आने वाले कुल 6,63,269 पर्यटकों में से चीन 71,995 पर्यटकों के साथ शीर्ष पर रहा. इसके बाद ब्रिटेन, रूस, इटली , जर्मनी और भारत का स्थान रहा.
प्रधानमंत्री मोदी पर की थी टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 6 जनवरी को अपने एक्स हैंडल पर भारत के पश्चिमी तट पर प्राचीन लक्षद्वीप द्वीपों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने के बाद मालदीव के तीन अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर भारत और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं, जिसके बाद मालदीव पर तीखी प्रतिक्रिया हुई. कई मशहूर हस्तियों सहित करोड़ों भारतीयों ने मालदीव जाने की योजना रद्द कर दी.






