
महाराष्ट्र के बदलापुर में यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे की पुलिस फायरिंग में मौत के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ विपक्ष ने इस घटना पर हैरानी जताते हुए न्यायिक जांच की मांग की, वहीं शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर मिठाइयां बांटी और पोस्टर लगाए।
पुलिस के मुताबिक, जब अक्षय शिंदे को तलोजा जेल से बदलापुर लाया जा रहा था, तो उसने एक पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनकर गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में शिंदे की मौत हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
घटना के अगले दिन, शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर शिंदे की मौत की खुशी में मिठाइयां बांटीं। वहीं, विपक्षी दलों ने इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े करते हुए न्यायिक जांच की मांग की। विपक्ष का कहना है कि पुलिस इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है कि आरोपी ने रिवॉल्वर छीन ली।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। उन्होंने बताया कि अक्षय शिंदे पर उसकी पूर्व पत्नी ने यौन हिंसा का आरोप लगाया था, और इसी मामले की जांच के दौरान यह घटना हुई।
वहीं, आरोपी अक्षय शिंदे की मां और चाचा ने इस घटना को “फर्जी मुठभेड़” करार दिया और न्यायिक जांच की मांग की। पीड़ित बच्चियों के वकील ने इसे “न्याय की हत्या” बताया।
यह मामला तब शुरू हुआ जब अक्षय शिंदे पर आरोप लगा कि उसने एक स्कूल के शौचालय में दो बच्चियों का यौन उत्पीड़न किया था। इस घटना के बाद इलाके में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे, और शिंदे को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।






