टाइप-2 मधुमेह के लिए बेरियाट्रिक सर्जरी कारगर

वाशिंगटन. एक हालिया अध्ययन में दावा किया गया है कि जीवनशैली में बदलाव और दवाओं की तुलना में ‘बेरियाट्रिक सर्जरी’ से टाइप-2 मधुमेह पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सकता है. शोध के निष्कर्ष ‘जर्नल डायबिटीज केयर’ में प्रकाशित हुए.

अमेरिका की ‘पेनिंगटन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर’ के शोधकर्ताओं का कहना है कि 34.2 मिलियन (34 करोड़) से अधिक अमेरिकी नागरिक टाइप-2 मधुमेह से ग्रसित हैं. टाइप-2 मधुमेह वाले लगभग 90 लोग अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होते हैं. ‘अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन’ और ‘अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन’ के मुताबिक, टाइप-2 मधुमेह के लिए बेरियाट्रिक सर्जरी एक प्रभावी उपचार है.

 अब तक का सबसे बड़ा अध्ययन शोध के अनुसार, बेरियाट्रिक सर्जरी की प्रभावशीलता और लंबे समय तक इसके परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए अध्ययन में टाइप-2 मधुमेह से ग्रसित करीब 316 रोगियों को शामिल किया गया. बेरियाट्रिक सर्जरी का मूल्यांकन करने के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा अध्ययन है.

 दवाओं से 2.6लोग डायबिटीज मुक्त ‘पेनिंगटन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर’ के कार्यकारी निदेशक और अध्ययन के प्रमुख लेखक जॉन किरवान ने बताया कि कई स्वास्थ्य बीमा कंपनियां बेरियाट्रिक सर्जरी के लिए कवरेज प्रदान नहीं करती हैं. यही वजह है कि टाइप-2 मधुमेह के रोगी बाजार से दवाएं लेना पसंद करते हैं. डॉ. जॉन किरवान ने बताया कि अध्ययन में मधुमेह की दवाओं से करीब 2.6 फीसदी लोगों को डायबिटीज से छुटकारा मिल गया.

 क्या है बेरियाट्रिक सर्जरी

बेरियाट्रिक सर्जरी बहुत अधिक वजन वाले लोगों के लिए है. यह सर्जरी मोटापे से जुड़ी सभी मेटाबोलिक समस्याएं जैसे कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, जोड़ों के दर्द और हृदय रोगों से संबंधित है. दूसरे शब्दों में यह एक मेटाबोलिक सर्जरी है. भारत में बेरियाट्रिक सर्जरी का खर्च 2.5 लाख रुपये से शुरू होता है.

इस सर्जरी की सिफारिश करेंगे चिकित्सक डॉ. किरवान ने कहा, तीन साल बाद जब टीम ने टाइप-2 मधुमेह रोगियों की बेरियाट्रिक सर्जरी की तो करीब 37.5 लोगों को स्थायी रूप से मधुमेह से छुटकारा मिल गया. चिंता की बात यह है कि बेरियाट्रिक सर्जरी के जरिए करीब एक फीसदी से भी कम लोगों का इलाज किया जाता है.

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