बस्तर: पहले चरण में मतदान शुक्रवार 19 अप्रैल को, चुनाव प्रचार का समय खत्म, डोर टू डोर प्रचार की अनुमति

रायपुर/जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित लोकसभा की एकमात्र सीट बस्तर पर पहले चरण में मतदान शुक्रवार 19 अप्रैल को होगा। मतदान के 48 घंटे पहले बुधवार शाम को चुनाव प्रचार का समय खत्म हो गया है। अब केवल डोर टू डोर प्रचार की अनुमति होगी। इसके साथ ही चुनाव आयोग द्वारा प्रचार पर नजर रखने के लिए बाकायदा प्रत्याशियों के कैंपेन की रिकार्डिंग भी कराई जा रही है।

नक्सल क्षेत्र में चुनाव को शांतिपूर्वक और निष्पक्ष ढ़ंग से संपन्न कराने के लिए सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, जिले में मतदान का समय सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक रखा गया है। साथ ही चुनाव आयोग की तरफ से मिली अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया गया है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र में कुल 1957 मतदान केंद्र है, जिनमें से 300 के करीब मतदान केंद्र अति संवेदनशील क्षेत्र में मौजूद हैं, जहां पर चुनाव संपन्न कराना प्रशासन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है।

जंगलों के बीच बसे इलाकों में सुरक्षित मतदान और नक्सलियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। संवेदनशील इलाकों और मतदान स्थलों के पास जवानों का सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है। मतदान दलों को कुछ जगहों पर हेलीकॉप्टर की मदद से भी पहुंचाया गया है। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि हर हाल में सुरक्षित मतदान होगा, हिंसा और हंगाम करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

बस्तर लोकसभा सीट पर इस बार 14 लाख 72 हजार मतदाता अपना वोट डालेंगे। मतदान के लिए बस्तर लोकसभा सीट पर इस बार 1961 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जो मतदान केंद्र संवेदनशील जगहों पर हैं वहां पर हेलीकॉप्टर की मदद से मतदान दलों को पहुंचाया जाएगा। बस्तर लोकसभा सीट का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता है। लिहाजा संवेदनशील मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की जा रही है।

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