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बिहार पहला राज्य, जहां घर बैठे लोगों को मिलेगा जमीन का नक्शा

बिहार सरकार ने भूमि विवाद सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. नक्शा लेने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है. अब आपको बिहार के किसी भी जगह का नक्शा लेने के लिए पटना नहीं आना होगा. घर बैठे आपको ऑनलाइन इसके लिए आवेदन करना होगा और ये आपके पास पहुंच जाएगा. इसके साथ ही पूरे देश में बिहार पहला राज्य बन गया है जहां यह व्यवस्था लागू की गई है.

पहले नक्शा लेने के लिए पटना गुलजारबाग सर्वेक्षण कार्यालय जाना पड़ता था यहां आवेदन भरकर नंबर लगाना पड़ता था. दो-तीन दिन का समय लगता था, लेकिन बिहार सरकार ने मंगलवार को नई व्यवस्था के तहत डोर स्टेप डिलीवरी का शुभारंभ किया है. इसका उद्घाटन राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता ने किया. इसके तहत राज्य के किसी भी जिले के किसी भी गांव कस्बों का नक्शा लेने के लिए विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

एक बार में 5 शीट नक्शा, एक का खर्च ‌‌285

बिहार सर्वेक्षण कार्यालय गुलजारबाग में उपलब्ध कुल 1,35,865 नक्शों को ऑनलाइन मंगा सकेंगे. इसमें सबसे अधिक 73,086 नक्शे कैडस्टल सर्वे से संबंधित हैं. रिविजन सर्वे से संबंधित नक्शों की संख्या 49,711 है जबकि 7821 चकबंदी नक्शे हैं. एक शीट का नक्शा ऑनलाइन मंगाने के लिए 285 रुपये का भुगतान किया जाना है. इसमें कंटेनर का शुल्क और डाक व्यय शामिल है. एक बार में एक कंटेनर में अधिकतम 5 शीट का आर्डर किया जा सकता है, जिसके लिये 935 रुपये का भुगतान करना होगा.

एक गांव का नक्शा एक शीट का भी

फिलहाल नक्शा के लिए लोगों को गुलजारबाग स्थित बिहार सर्वेक्षण कार्यालय जाना पड़ता है. कतार के कारण मैप लेने मे कठिनाई होती है. सर्वेक्षण कार्यालय में एक शीट के लिये 150 रु. लगते हैं. एक गांव का नक्शा एक शीट का भी हो सकता है और एक से अधिक शीट का भी.

डोर स्टेप डिलीवरी के लिए डाक विभाग से करार

डोर स्टेप डिलीवरी के लिये डाक विभाग द्वारा स्पीड पोस्ट सेवा की सुविधा दी जा रही है. इसके लिए आवश्यक 5 लाख बार कोड का आवंटन डाक विभाग द्वारा किया जा चुका है. हर कंटेनर पर बार कोड स्टिकर लगाया जाना है. डाक चार्ज नक्शे के वजन के मुताबिक देय होगा.

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