छत्तीसगढ़

सीएम सर आपको गर्मी की छुट्टी मिलती है क्या?

प्रदेशव्यापी भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बच्चों से भी रूबरू हो रहे हैं। वे न सिर्फ बच्चों से आत्मीयता पूर्वक मिल रहें बल्कि सरगुजा के राजपुर में उन्होंने हाईस्कूल और हायर सेकेन्ड्री परीक्षा के टापर बच्चों को हेलीकाप्टर राईड करने की घोषणा की वहीं आज लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के बच्चों को नई राजधानी, मुख्यमंत्री निवास और जंगल सफारी घुमाने का वायदा किया।  
       सरगुजा के लुण्ड्रा विधान सभा क्षेत्र के गांव सहनपुर के बच्चों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कभी सरगुजा से बाहर नहीं गए हैं। वे सब लोग नई राजधानी देखना चाहते हैं। तब उन्होंने न सिर्फ नवा रायपुर बल्कि मुख्यमंत्री निवास में चाय के लिए आमंत्रित किया और जंगल सफारी घुमाने का वायदा भी किया। उन्होंने कलेक्टर सरगुजा को इन बच्चों को नई राजधानी स्थित मंत्रालय के साथ ही जंगल सफारी और मुख्यमंत्री निवास घुमाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
बच्चों ने स्वागत में गाया सरगुजिया गीत
       बच्चों ने भेंट मुलाकात के समय मुख्यमंत्री के स्वागत में सरगुजिया बोली में गीत गाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा एक सुर में सुनाए गए गीत ’’चल तो भैया रे सहनपुर ले..सीएम से मिलब रे..सीएम से मिलब रे..’’ की प्रशंसा की और गीत की रचना के बारे में पूछा। बच्चों ने उन्हें बताया कि यह गीत उनकी शिक्षिका ने सिखाया है। इस पर मुख्यमंत्री ने शिक्षिका को इस सुंदर गीत के लिए बधाई दी। बच्चों के द्वारा मध्यान्ह भोजन के लिए कमरे की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को एक अच्छा शेड तैयार करने के निर्देश दिए जहां बच्चे व्यवस्थित और सुविधाजनक ढंग से मध्यान्ह भोजन कर सकें।  
सर आपको क्या गर्मी की छुट्टी मिलती है –
 बच्चों ने मुख्यमंत्री से बहुत ही भोले अंदाज में पूछा कि सर आपको हमारी तरह गर्मी की छुट्टी मिलती है क्या? मुख्यमंत्री ने बच्चों के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि वे सभी मौसम गर्मी, सर्दी, बरसात में काम करते हैं। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी के लिए लोगों से मिलने भी जाते हैं। इसी क्रम में वे आज सहनपुर पहंुचे है।
बोरे बासी की भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि भेंट-मुलाकात अभियान में राशन दुकान, पंचायत कार्यालय, स्वामी आत्मानंद स्कूल, थाना आदि का निरीक्षण करते है, साथ ही आमजनों, श्रमिकों किसानों, जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात करते है। बात-चीत में बच्चों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बोरे-बासी खाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भी खाता हूं, यह बहुत अच्छा होता है।

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