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भारत में पांच सेमीकंडक्टर संयंत्र तैयार होंगे अश्विनी वैष्णव

गांधीनगर . सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगले पांच-सात वर्षों में देश के भीतर अरबों डॉलर निवेश वाले पांच चिप विनिर्माण संयंत्र शुरू हो जाने का भरोसा है.

वैष्णव ने सेमीकॉन इंडिया 2023 सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर को एक बुनियादी उद्योग बताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े फ्रिज, टीवी, कार एवं ट्रेन जैसे तमाम उत्पादों में होता है. इसी वजह से सरकार भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण गतिविधियों का हिस्सा बनाना चाहती है. वैष्णव ने कहा, हमें सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला से जुड़े हरेक हिस्से की तरफ से भरपूर समर्थन मिल रहा है. ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन के चेयरमैन यंग लियू सेमीकॉन इंडिया 2023 में कहा कि वह भारत में सेमीकंडक्टर मसौदे के भविष्य को लेकर आशावादी हैं. वहीं, यंग लियू ने शुक्रवार को गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. उन्होंने सेमीकॉन इंडिया 2023 सम्मेलन में भाग लिया. पीएम मोदी ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ से भी मुलाकात की.

भारत सेमीकंडक्टर की दुनिया में सुपरपावर बनने की राह पर है. काउंटर पॉइंट रिसर्च और इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमी कंडक्टर एसोसिएशन के अनुसार 2019 में भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 22.7 अरब डॉलर था. अनुमान है कि 2026 में यह 64 अरब डॉलर हो जाएगा.

चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (एएमडी) ने भारत में अगले पांच साल में 40 करोड़ डॉलर का निवेश करने की शुक्रवार को घोषणा की. कंपनी ने कहा कि वह बेंगलुरु में अपना सबसे बड़ा डिजाइन केंद्र स्थापित करेगी. केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि अमेरिकी कंपनी एएमडी का फैसला देश में विश्व स्तरीय सेमीकंडक्टर डिजाइन और नवोन्मेष परिवेश तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

वेदांता का चिप ढाई साल में तैयार होगा

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि सेमीकंडक्टर परियोजना के पहले चरण में कुल 20 अरब डॉलर के व्यय में पांच अरब डॉलर का निवेश शामिल होगा और उनकी भारत में विनिर्मित चिप ढाई साल में उपलब्ध होगी. इस महीने की शुरुआत में ताइवान स्थित फॉक्सकॉन, वेदांता के साथ 19.5 अरब अमेरिकी डॉलर के सेमीकंडक्टर संयुक्त उद्यम से हट गई थी. फॉक्सकॉन एप्पल के लिए आपूर्ति करती है.

पांच बड़े उत्पादक

  1. ताइवान दुनिया के 60 सेमीकंडक्टर यहां बनते हैं. ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के बैनर तले इसका उत्पादन होता है.
  2. चीन सेमीकंडक्टर उपभोग के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है. 2022 में 22 हजार से अधिक कंपनियां इस क्षेत्र में काम कर रही हैं.
  3. दक्षिण कोरिया यहां 70 से अधिक सेमीकंडक्टर कंपनी है. 15 बड़ी कंपनियों में से आठ सैमसंग की हैं.
  4. जापान100 से अधिक कंपनियां. 50 अरब डॉलर का सालाना कारोबार है.
  5. अमेरिका दुनिया का 12 सेमीकंडक्टर यहां बनता है. 2021 में इस क्षेत्र से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को 62 अरब डॉलर मिले थे.

क्या होता है सेमीकंडक्टर

सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल करंट को नियंत्रित करने में होता है. ये सिलिकॉन से बनाए जाते हैं जो चिप फॉर्म में होते हैं.

उद्योगों की निर्भरता भी बढ़ेगी

लंदन की कंस्लटिंग कंपनी डिलॉयट के अनुसार भारत के सेमीकंडक्टर बाजार पर तीन उद्योग 60 तक निर्भर होंगे.

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