
इस्लामाबाद . पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी से शुरू हुआ प्रदर्शन उनकी रिहाई के बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है. उनकी रिहाई के खिलाफ सोमवार को सत्तारूढ़ गठबंधन पीडीएम में शामिल पार्टियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसकी अगुवाई जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) कर रही है. उसके कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उसके हजारों समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट घेर लिया.
जेयूआई-एफ के समर्थकों समेत कई प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद में धारा 144 लागू होने के बावजूद रेड जोन (वर्जित क्षेत्र) में प्रवेश किया. जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने भी इमरान खान के प्रति न्यायिक समर्थन के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष धरने का ऐलान किया. प्रदर्शनकारी रेड जोन में घुस गए और इमरान के खिलाफ नारे लगाए. हालांकि हालात शांतिपूर्ण हैं. पीडीएम सरकार में शामिल दलों का गठबंधन है.
सीजे के खिलाफ संसद मेंप्रस्ताव संसद ने मुख्य न्यायाधीश (सीजे) उमर अता बांदियाल के खिलाफ कदाचार और शपथ से भटकने का मामला दर्ज कराने के लिए सोमवार को सर्वसम्मति से एक विशेष समिति के गठन का प्रस्ताव पारित किया. पीपीपी की डॉ. शाजिया सोबिया ने प्रस्ताव पेश किया. पाकिस्तान सरकार अब संसद में निंदा प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है.
बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जमानत शुक्रवार को मंजूर कर ली थी. उनको नौ मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से गिरफ्तार किया गया था और जवाबदेही अदालत ने उन्हें अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में आठ दिन के लिए राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो की रिमांड पर भेज दिया था.
मरियम नवाज ने चीफ जस्टिस का इस्तीफा मांगा
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने मंच से सुप्रीम कोर्ट के चीज जस्टिस के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि जब तक उमर अता देश के मुख्य न्यायाधीश पद पर बने रहेंगे, देश में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि इमरान खान जो कर रहे हैं, ऐसा आतंकी या पाकिस्तान के दुश्मन भी नहीं कर सकते. उन्होंने और उनकी पत्नी ने जनता का पैसा लूट लिया. वहीं, विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कहा कि पीटीआई के पास यह तय करने का आखिरी समय है कि क्या उनकी पार्टी राजनीतिक दल है या फिर आतंकी संगठन.






