
नई दिल्ली . एयर इंडिया की दुबई-दिल्ली उड़ान के दौरान विमान के कॉकपिट में पायलट द्वारा महिला मित्र को बुलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. घटना 27 फरवरी को हुई थी और दुबई-दिल्ली उड़ान के चालक दल के एक सदस्य ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से इसकी शिकायत की थी.
अब डीजीसीए मामले जांच कर रहा है. हालांकि अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए एयरलाइन भी जांच कर रही है. एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि एयरलाइन यात्रियों की सुरक्षा और देखभाल से संबंधित पहलुओं में कमी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इस घटना के संबंध में जरूरी कार्रवाई करेगी. डीजीसीए के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि नियामक मामले की जांच कर रहा है. अधिकारी ने कहा कि जांच दल तकनीकी और सुरक्षा के नजरिए से प्रासंगिक तथ्यों की जांच करेगा. उड़ान के पायलट ने एक महिला मित्र को कॉकपिट में जाने की अनुमति दी थी. गौरतलब है कि अनधिकृत लोगों को कॉकपिट में जाने की अनुमति नहीं होती है और अगर ऐसा होता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है. एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन और डीजीसीए को भेजी गई शिकायत में पीओएसएच (यौन उत्पीड़न की शिकायत की रोकथाम) का उल्लंघन, डीजीसीए सीएआर का उल्लंघन, हवाई सुरक्षा का उल्लंघन और एआई-915/916 के एयर इंडिया परिचालन प्रक्रिया नियमावली के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.
विमान परिचारिका ने की शिकायत
घटना को लेकर एक विमान परिचारिका ने जो शिकायत की है, उसके अनुसार उड़ान संख्या एआई-915 के पायलट अपनी महिला मित्र के लिए कॉकपिट में बैठक के कमरे की तरह स्वागत करना चाहता था. शिकायतकर्ता के अनुसार, कप्तान ने महिला मित्र के आने से पहले कॉकपिट में तकिये रखने को कहा, ताकि उसे आरामदायक माहौल मिले. इसके अलावा पायलट ने कॉकपिट में ड्रिंक्स और स्नैक्स लाने और उसे परोसने का निर्देश विमान परिचारिका को दिया था.






