
दुर्ग पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर अपराध को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य आरोपी लोकेश जाधव सहित कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 78 एटीएम व क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। सभी आरोपितों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर ने बताया कि 30 दिसंबर को थाना पद्मनाभपुर में मोबाइल दुकानदार अविनाश दुबे ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी दुकान में काम करने वाले अमित मिश्रा के माध्यम से उसकी पहचान बोरसी, दुर्ग निवासी लोकेश जाधव उर्फ लक्की (35) से हुई थी। लोकेश ने अपने भाई के बाहर से पैसे आने का बहाना बनाकर बैंक खाता न होने की बात कही और 20 हजार रुपये का लालच देकर प्रार्थी से बैंक खाता उपलब्ध कराने को कहा।
प्रलोभन में आकर प्रार्थी ने अपना एक्सिस बैंक महाराजा चौक ब्रांच और आईडीबीआई बैंक कुम्हारी ब्रांच का खाता लोकेश को सौंप दिया। कुछ समय बाद जब आईडीबीआई बैंक का खाता फ्रीज हो गया, तब प्रार्थी को संदेह हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पद्मनाभपुर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही मुख्य आरोपित लोकेश जाधव बस से कल्याण (महाराष्ट्र) भागने की फिराक में था, जिसे दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी तलाशी में अन्य व्यक्तियों के 33 एटीएम व क्रेडिट कार्ड, 15 चेकबुक, नौ पासबुक और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।






