
यूक्रेन से युद्ध शुरू होने के बाद रूस में पहली बार हो रहे संसदीय चुनाव के शुरुआती रुझानों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की समर्थित यूनाइटेड रशिया पार्टी अपना दबदबा बनाए हुए है। रूस के केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने सोमवार तड़के चुनाव के शुरुआती नतीजे जारी किए। आयोग के अनुसार, करीब 58 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर मतगणना पूरी हो चुकी है और अब तक के रुझानों में पार्टी की सूची के आधार पर चुने जाने वाले 225 सांसदों की सीट पर ‘यूनाइटेड रशिया’ को लगभग 58 प्रतिशत वोट मिले हैं। इसके अलावा, 225 सांसदों का चुनाव अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में सीधे मुकाबले के जरिए होना है। इन सीट में से भी अधिकांश पर यूनाइटेड रशिया के उम्मीदवार आगे हैं।
चुनाव में खास बात यह रही कि यूक्रेन के 5 इलाकों के लोगों को भी वोट देने का मौका मिला, जिन्हें रूस ने 2022 में अपने कब्जे में लेकर रूस का हिस्सा घोषित किया था। हालांकि, इन क्षेत्रों पर रूस का अब भी पूरी तरह नियंत्रण नहीं है। यूक्रेन के जिन इलाकों में वोटिंग कराई गई है उनमें डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया शामिल हैं। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इन चारों क्षेत्रों में 35 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। रूस के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है। वर्ष 2014 में रूस द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए काला सागर स्थित क्रीमिया प्रायद्वीप में भी मतदान हुआ।
यूक्रेन ने इन चुनावों को अवैध करार देते हुए इसकी निंदा की, जबकि यूरोपीय संघ ने इसे ”अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन” बताया। इस चुनाव में अधिकांश विपक्षी नेताओं को उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने की अनुमति नहीं दी गई। मतदान ऐसे समय हुआ, जब रूस में सोवियत दौर के बाद से राजनीतिक दमन की स्थिति है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सबसे कड़ी पाबंदियां लागू हैं। शुरुआती नतीजों के मुताबिक, चार अन्य पार्टियां भी संसद के निचले सदन ‘स्टेट ड्यूमा’ में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रही हैं।






