
नई दिल्ली. राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को आह्वान किया कि भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्ष को एकजुट होना होगा. शरद पवार का बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष के कई नेता केंद्रीय जांच एजेंसियों की तफ्तीश का सामना कर रहे हैं.
दिल्ली में आयोजित राकांपा के आठवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के प्रदर्शन से निपटने के तरीके और देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाने के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया. इस दौरान 81 वर्षीय पवार ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में मौजूदा शासकों के सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगी. राज्यसभा सदस्य पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, हमें लोकतांत्रिक तरीके से मौजूदा सरकार को चुनौती देनी है, जो प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी एजेंसियों व धनबल का दुरुपयोग कर रही है. हमें इसके लिए तैयार रहना होगा. गौरतलब है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, फारूक अब्दुल्ला, पी चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम, नवाब मलिक, अभिषेक बनर्जी, संजय राउत, सत्येंद्र जैन, मनीष सिसोदिया सहित विपक्षी दलों के कई नेता केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं.
केंद्र सरकार का दावा है कि इन नेताओं द्वारा की गई कथित अनियमितता की वजह से यह जांच हो रही है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है. पवार ने दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में इस सम्मेलन को आयोजित करने के महत्व को भी रेखांकित किया.
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