
गर्भवती महिला समेत 4 गंभीर मरीजों की पहचान, तत्काल किया रेफर; कुआकोंडा के दुर्गम गांव में
पहली बार पहुंची समग्र स्वास्थ्य जांच की सुविधा
रायपुर 23 सितंबर 2026. बैलाडीला की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसे लोहागांव में जब स्वास्थ्य टीम पहुंची तो ग्रामीणों के लिए गांव में ही समग्र स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहली बार पहुंची थी। स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना जहां आसान नहीं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची और 62 ग्रामीणों की जांच की। जांच के दौरान एक गर्भवती महिला समेत 4 गंभीर मरीजों की पहचान हुई, जिन्हें तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्था में उपचार के लिए रेफर किया गया।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत पहुंची टीम ने गांव में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। मलेरिया और सिकल सेल की जांच के साथ मोतियाबिंद और कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की पहचान की गई। गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच और बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। जांच के दौरान एक गर्भवती महिला, एक मोतियाबिंद मरीज और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई। समय रहते पहचान होने पर चारों को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद गांव तक पहुंची टीम ने ग्रामीणों को यह भरोसा भी दिया कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल तक आने वाले मरीजों तक सीमित नहीं है। जहां स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना कठिन है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम खुद लोगों तक पहुंचकर बीमारी की पहचान और उपचार की शुरुआत कर रही है।
सेवा संकल्प अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता के साथ दूरस्थ और कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत जिले के 76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव पहुंची हैं। इसका उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि बीमारी की समय पर पहचान, आवश्यक उपचार और जरूरत पड़ने पर मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्था से जोड़ना भी है।






