
बेमेतरा। 30 सितंबर 2026| छत्तीसगढ़ बेमेतरा जिले में प्रोफेसर ने कॉलेज की छात्राओं से अश्लील डिमांड की है। शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान कॉलेज की छात्राओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रोफेसर जेपी राणा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
एक छात्रा ने बताया कि जेपी राणा ने आधी रात कई छात्राओं को वॉट्सएप पर कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं करने पर पैसे देकर पास बुलाने की बात लिखी। छात्रा ने कहा, ‘ज्योति प्रभात राणा सर ने मुझे अश्लील मैसेज भेजे। लिखा- ‘पैसे दूंगा तो क्या मेरे पास आओगी?’ आधी रात उन्होंने गंदी बातें कीं। लड़कियों को पैसे से तोल रहे हैं।’
छात्रा के मुताबिक, प्रोफेसर ने एक मैसेज में लिखा- ‘50 हजार में महिला प्रोफेसर आ जाती, तुम आ जाओ।’ विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर ने इस्तीफा दे दिया। विरोध में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मेन गेट पर धरना दिया और प्रिंसिपल पर मामला दबाने का आरोप लगाया है।
प्रोफेसर ने छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजे
प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत छात्राओं को वॉट्सएप कॉल और मैसेज करने से हुई। छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दी है और वॉट्सएप पर आए कॉल और मैसेज के स्क्रीनशॉट भी बतौर दस्तावेज सौंप दिया है।
छात्रा ने यह भी बताया कि कॉलेज प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस्तीफा सार्वजनिक करने की मांग पर प्रदर्शन
मंगलवार को छात्रों ने कॉलेज के मेन गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि अगर संबंधित प्रोफेसर ने इस्तीफा दे दिया है तो कॉलेज प्रशासन इसकी जानकारी सार्वजनिक करने से क्यों बच रहा है।
छात्रों ने इस्तीफे की प्रति सार्वजनिक करने की मांग की। कई घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और छात्रों के दबाव के बाद प्राचार्य ने छात्रों को प्रोफेसर का इस्तीफा पत्र दिखाया। इसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
छात्रों के मुताबिक, उन्होंने मामले को लेकर पहले कॉलेज की प्रिंसिपल वीणा त्रिपाठी से शिकायत की थी। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने मामले को कॉलेज स्तर पर ही सुलझाने की बात कही, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद छात्र-छात्राएं कलेक्टोरेट पहुंचे।
3 साल से राजनीतिक विज्ञान विभाग में पदस्थ थे
जानकारी के मुताबिक, प्रोफेसर जेपी राणा राजनीतिक विज्ञान विभाग में करीब तीन साल से पदस्थ थे। उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है और कॉलेज प्रबंधन ने इस्तीफा स्वीकार किए जाने की जानकारी दी है।
हालांकि, इस्तीफे की जानकारी सामने आने के बावजूद छात्रों की मांग केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।






