
रायगढ़। जिले की साइबर पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए देशभर में ठगी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो मुख्य संचालकों सहित कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोक सेवा केंद्र की आड़ में अपना अवैध नेटवर्क संचालित कर रहा था। बाहर से जहां लाइसेंस और आरटीओ से जुड़े कार्य किए जाने का दिखावा किया जाता था, वहीं अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे, वीडियो एडिटिंग होती थी और कॉल सेंटर चलाया जाता था।
गिरोह में शामिल युवतियां फोन के जरिए लोगों को शादी के नाम पर झांसे में लेती थीं। आरोपी फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल बनाकर नकली प्रोफाइल तैयार करते थे और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस समेत अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए पैसे वसूलते थे।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क ने वर्ष 2022 से अब तक 7,693 लोगों को ठगते हुए करीब 1.11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के जरिए आरटीओ से जुड़ा कार्य करता था, लेकिन आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम देना शुरू किया।






